रीवा

एरियर्स बकाया में विद्युत कंपनी मालामाल प्रतिमाह 2 करोड़ रुपए सरचार्ज का भार उठा रहे बिजली उपभोक्ता

विद्युत कंपनी बकाया बिजली बिलों पर अच्छा खासा लाभ कमा रही है जिससे वह एरियर्स बरकरार रखना चाहती है। वजह है एरियर्स पर लगने वाला सरचार्ज। अकेले रीवा सर्किल में प्रतिमाह 2 करोड़ रुपए का सरचार्ज कंपनी वसूली रही है। यही करण है कि कंपनी एरियर्स बकायादरों से धीरे -धीरे अभियान चलाकर एरियर्स के साथ बिल वसूल रही है।

2 min read
Feb 14, 2020
Electricity consumers in arrears arrears carrying surcharge of Rs 2 crore per month

रीवा। विद्युत कंपनी बकाया बिजली बिलों पर अच्छा खासा लाभ कमा रही है जिससे वह एरियर्स बरकरार रखना चाहती है। वजह है एरियर्स पर लगने वाला सरचार्ज। अकेले रीवा सर्किल में प्रतिमाह 2 करोड़ रुपए का सरचार्ज कंपनी वसूली रही है। यही करण है कि कंपनी एरियर्स बकायादरों से धीरे -धीरे अभियान चलाकर एरियर्स के साथ बिल वसूल रही है। वहीं बिजली बिलों में गड़बड़ी के लगने वाले सरचार्ज से कंपनी को और अधिक फायदा होता है।

बताया जा रहा है कि विद्युत कंपनी में लगभग सवा लाख उपभोक्ताओं पर 223 करोड़ का बिजली बिल बकाया है। इनमें ६६ हजार से अधिक ऐसे उपभोक्ता हैं जो पिछले छह माह से बिजली बिल जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बिजली कंपनी बकाया एरियर्स में प्रतिमाह 1 फीसदी सरचार्ज राशि वसूल रही है। इस तरह बकाया बिल से एरियर्स के रुप में दो करोड़ रुपए से अधिक एरियर्स मिल रहा है। बकाया बिजली बिलों के दौरान कंपनी यह एरियर्स उपभोक्ता से वसूल रही है।

बिजली बिलों में गड़़बड़ी से कंपनी को फायदा-
बिजली बिलों की गड़बड़ी में विद्युत कंपनी को अधिक फायदा है। यही कारण है विद्युत कंपनी इन बिजली बिलों की गड़बड़ी को सुधारने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। अक्सर बिजली बिल गड़बड़ी होने पर उपभोक्ता उस माह का बिजली का बिल जमा नहीं करते है। इसके बाद अगले माह इसी बिल में सरचार्ज जुड़ जाता है। ऐसे में उपभोक्ता का भार बढ़ जाता है। इससे कंपनी को अधिक फायदा होता है। स्थिति यह है कि प्रतिमाह दो हजार से अधिक शिकायतें आती है। इनका बिल की राशि लाखों में होती है जिस पर विद्युत कंपनी 1 फीसदी टैक्स वसूलती है।

गांव में 25 दिनों से अंधेरा
बिजली बिल वसूली अभियान के तहत विद्युत कंपनी ने पांती गांव की विद्युत सप्लाई रोक दी है। पिछले 25 दिनों से गांव में अंधेरा है। इसे लेकर ग्रामीण अधीक्षण यंत्री से शिकायत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव में पिछले 25 दिनों से विद्युत की सप्लाई बंद पड़ी है, जिससे किसान खेत की सिचांई नहीं कर पा रहे है और गेेंहू की फसल सूख रही है। बताया गया कि इस गांव में 10 लाख रुपए का बिल बकाया है। इस पर अधीक्षण यंत्री ने बकाया बिल का कम से 10 फीसदी राशि जमा करने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि धान खरीदी का पैसा अभी शासन से हमें नहीं मिला है। ऐसे में वह बिजली बिल कहां से जमा करें।

Published on:
14 Feb 2020 01:20 pm
Also Read
View All

अगली खबर