
International Day against Drug Abuse: Program organized in college
रीवा। युवा तेजी के साथ नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। नशे के चंगुल में फंसने वाले ज्यादातर युवा फैशन के फन में फंस कर नशेड़ी बन जाते हैं। यह पश्चिमी सभ्यता के बढऩे चलन का नतीजा है। उक्त विचार टीआरएस कॉलेज के नियंत्रक डॉ. रामलला शुक्ल ने व्यक्त किया। कॉलेज के एमएसडब्ल्यू विभाग की ओर से आयोजित सेमिनार में डॉ. शुक्ला बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं में जागरूकता लाकर ही उन्हें नशा से दूर रखा जा सकता है।
नशा छोडऩे का खुद लें संकल्प
अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए लोगों में चेतना फैलाना होगा। क्योंकि जब तक नशे के गिरफ्त में फंसा शख्स खुद नशे से दूर रहने का व छोडऩे का संकल्प नहीं लेता है। उसे कोई भी ताकत नशे से दूर नहीं कर सकती है।
फेविकोल भी हो रह नशे में प्रयोग
सेमिनार के संयोजक डॉ. अखिलेश शुक्ल ने विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशे का नशा इतना बेकार होता है कि लोग मादक पदार्थ के रूप में फेविकोल, तरल इरेजर व पेट्रोल की गंध और स्वाद की ओर आकर्षित होने लगे हैं। आयोडेक्स, वोलिनी व खांसी सिरफ जैसी दवाएं नशे के रूप में इस्तेमाल की जा रही हैं। यह एक भयावह स्थिति है। प्रो. आरपी चतुर्वेदी ने कहा कि अक्सर ऐसा होता है कि बच्चे घर से नशा करना सीखते हैं। इसलिए घर के लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
इन विशेषज्ञों ने भी व्यक्त किया हालात
प्रो. भूप्रेन्द्र सिंह ने नशे की गिरफ्त में बढ़ती युवाओं की संख्या के लिए अभिभावकों को जिम्मेदार ठहराया। सेमिनार में बतौर विशेषज्ञ प्रो. अवध शुक्ल, प्रो. बीके शर्मा, डॉ. गुजन सिंह, डॉ. इस्लाम बक्स, प्रो. शिव बिहारी कुशवाह, राजकुमारी पांडेय ने अपना विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर अनुराग साकेत, आकाश सिंह बघेल, दीपक कुमार द्विवेदी, सुधांश द्विवेदी, आदर्श कुमार द्विवेदी, अमित कुमार मिश्रा, अनुपम कुशवाहा, अतुल मिश्रा व योगेश साहू सहित अन्य प्राध्यापक व शोध छात्र उपस्थित रहे।
जीडीसी में भी हुई चर्चा, निकली रैली
शासकीय कन्या महाविद्यालय में भी अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुणवत्ता प्रकोष्ठी के संयोजक प्रो. महेंद्रमणि द्विवेदी ने कहा मादक पदार्थों का अवैध कारोबार खत्म कर लोगों को नशे से दूर रखा जा सकता है। कहा कि अवैध कारोबार पर लगाम लगा पाना युवाओं के माध्यम से ही संभव है।
जागरूकता अभियान की बताई जरूरत
महाविद्यालय में एनसीसी, एडवेंचर स्पोर्टस क्लब व इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. नीता सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की जागरूकता पर बल दिया। जागरूकता कार्यक्रम की आयोजक मेजर डॉ. विभा श्रीवास्तव ने संचालन करते हुए उपस्थित छात्राओं को संकल्प दिलाया कि वह लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेंगी। कार्यक्रम के बाद एनसीसी कैडेट्स ने रैली निकालकर लोगों को नशा से दूर रहने के लिए जागरूक किया।
Published on:
27 Jun 2018 02:15 pm
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