1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुलिस ने दो दर्जन परिवारों को टूटने से बचाया, हंसी-खुंशी साथ घर गए पति-पत्नी

पुलिस कंट्रोल रुम में रविवार को पुलिस विभाग और परिवार परामर्श केन्द्र द्वारा शिविर का आयोजन किया। शिविर में 42 प्रकरण काऊंसलिंग के लिए रखे गए थे

2 min read
Google source verification
Police deportment and Family Counseling Center gave counseling

Police deportment and Family Counseling Center gave counseling

रीवा. टूटते परिवारों को बचाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा शुरू किए गए प्रयासों का बेहतर परिणाम सामने आ रहा है। पुलिस ने करीब दो दर्जन परिवारों को टूटने से बचा लिया। आपसी विवाद के कारण एक दूसरे से दूरियां बनाकर दंपती को फिर समझाईश के जरिए आपस में मिला दिया। पुलिस कंट्रोल रुम में रविवार को पुलिस विभाग द्वारा शिविर का आयोजन किया। शिविर में 42 प्रकरण काऊंसलिंग के लिए रखे गए थे जिसमें 27 लोग उपस्थित रहे। 22 दम्पतियों को समझाईश देकर उनके बीच समझौता कराया गया। पति-पत्नी हंसीखुशी एक दूसरे के साथ रहने को राजी हो गए। वहीं 2 प्रकरणों में अलगाव हुआ और 3 प्रकरणों में पत्नियां पति के साथ नहीं रहना चाहती है। शिविर में पति-पत्नी को समझाईश देने के लिए 18 काऊंसलर बुलाए गए थे जिनकी अलग-अलग बेंच बनाकर प्रकरणों की सुनवाई गई। पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद हुआ था जिससे उनके बीच दूरियां बन गई थी।दम्पतियों को समझाईश दी गई और भविष्य में एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए साथ में रहने की सलाह दी गई। शिविर में काऊंसलर डा.एके श्रीवास्तव, डा. विनोद श्रीवास्तव, डा. राकेश कटारे, डा.अंजली श्रीवास्तव, डा.आरएन तिवारी, डा. सविता शुक्ला, डा. अर्चना सिंह पटेल, डा.सीमा शुक्ला, डा. एसके त्रिपाठी, जितेन्द्र सिंह परिहार, मनोज गुप्ता, पीयूष सिंह गहरवार, मीनाक्षी सिंह, रुचि सिंह बघेल, रवि प्रकाश गुप्ता, अभिषेक पाण्डेय, आशुतोष गुप्ता, सपना त्रिवेदी, महिला थाना प्रभारी आराधना सिंह, उपनिरीक्षक प्रियंका पाठक सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

ये मामले आए सामने
1- परिवार परामर्श केन्द्र में महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें उसने पति के बाहर प्रेम प्रसंग चलने व परेशान करने का आरोप लगाया। मामला जब परिवार परामर्श केन्द्र आया तो महिला के बार-बार मायके जाने से उनके बीच विवाद की बात सामने आई। काऊंसलरों ने उनके बीच समझौता कराया और उनको मिलजुलकर रहने की समझाईश दी गई।
2- एक महिला ने अपने पति के खिलाफ आए दिन विवाद करने की शिकायत दर्जकराई थी। काऊसलिंग में दोनों पक्षों को सुना गया जिसमें उनके बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने की बात सामने आई जिनको आपसी रजामंदी से भी सुलझाया जा सकता था। काऊंसलिंग में उनको समझाईश देकर झगड़े को शांत कराया गया।
3- एक दम्पति के बीच सोशल मीडिया को लेकर विवाद चल रहा था। पत्नी अक्सर फेसबुक सहित दूसरी साइडों में व्यस्त रहती थी और घर के कामों में ध्यान नहीं देती थी। मामला जब परिवार परामर्श केन्द्र पहुंचा तो दोनों पक्षों को समझाईश दी गई। कुछ शर्तों के आधार पर पत्नी साथ रहने को राजी हो गई।

Story Loader