
गुरुजी का दो करोड़ एरियर्स घोटाला 235 शिक्षकों से नहीं हो पा रही वसूली, जानिए क्यों
रीवा। गुरुजी एरियर्स घोटाले में जांच पूरी होने के बावजूद न दोषियों पर एफआइआर हुई है और न ही अब तक राशि वसूल हो सकी है। इसमें कई प्राचार्य जहां रिटायर्ड हो चुके हैं तो एक प्राचार्य की मृत्यु तक हो गई है। नियम विरूद्ध 1 करोड़ 98 लाख रुपए से अधिक भुगतान होने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने शिक्षा विभाग को कार्रवाई की लिए मामले को सौंपा था।
बताया जा रहा है कि गुरुजी के सहायक अध्यपाक बनने पर एरियर्स भुगतान में व्यापक स्तर का फर्जीवाड़ा हुआ था। बिना आदेश के प्राचार्यो ने कुल 235 गुरुजी को 1 करोड़ 98 लाख रुपए एरियर्स भुगतान कर दिया। पांच स्कूलों का मामला सामने आने के बाद तत्कालीन एडीएम शिवराज सिंह वर्मा को जांच सौंपा गयी थी। जांच के दौरान उन्होंने 1 करोड़ 98 लाख रुपए की गुरुजी से व प्राचार्य से वसूली की अनुसंशा की थी। साथ इस वित्तीय गबन में एफआइआर दर्ज करने का प्रस्ताव डीइओ के समक्ष रखा था। इसके बावजदू 2018 तक महज 30 लाख रुपए की वसूली की गई है। जबकि १ करोड़ ३१ लाख रुपए से अधिक की राशि बकाया है।
विधान सभा के गूंजा था मामला-
मनमानी तौर पर गुरुजी ररियर्स भुगतान का मामला विधान सभा में गूंजा था । इस पर सरकार ने दोषियों से शीघ्र राशि वसूलने एवं प्राचार्य के विरुद्ध विभागीय जांच कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई ठंडी बस्ते में चली गई। स्थिति यह है कि इनमें एक प्राचार्य की जहां मृत्यु हो चुकी है, वहीं दो प्राचार्य सेवानिवृत्त हो गए है। वर्तमान में दो प्राचार्य ही कार्यरत है।
ऐसे हुआ था खुलासा-
गुरुजी को नियम विरुद्ध तरीके से एरियर्स भुगतान करने का मामला शासकीय हायक सेंकेंडरी विद्यालय भनिगवां, रायपुर सोनौरी, डभौरा, गढ़ी एवं कन्या सुनौरी ेमें सामने आया था। यहां सर्वप्रथम 35 गुरुजी को एरियर्स भुगतान दिया गया था। इस आधार अन्य गुरुजी द्वारा एरियर्स की मांगने पर बवाल मच गया है। जांच के दौरान नौ विकासखंड़ों में कुल 235 गुरुजी को भुगतान करने का मामला सामने आया था।
गुरुजी व प्राचार्य पहुुंचे कोर्ट
इस संबंध में शिक्षा विभाग का कहना है कि लगभग ३० लाख रुपए वसूल हो पाए थे। इसी बीच प्राचार्य व गुरुजी हाईकोर्ट पहुंच गए। इस मामले के विरुद्ध इनके द्वारा स्थगन आदेशप्रस्तुत किया गया है। यही कारण है कि मामले में वसूली नहीं हो रही है।
कई लोगों ने वापस लिया है मामला
इस मामले में कई शिक्षकों ने हाईकोर्ट से मामला वापस लेकर वसूली के लिए तैयार हो गए है। जबकि कई गुरुजी व प्राचार्य के मामले हाईकोर्ट में लंबित है इसलिए इन पर वसूली नहीं हो पाई। हाइकोर्ट से निराकृत के बाद एफआइआर के विषय में निर्णय होना है।
-आरएन पटेल, जिला शिक्षा अधिकारी
Published on:
17 Oct 2019 12:54 pm

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