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50 प्रतिशत चालकों की आंखें कमजोर, 136 में से 68 को निकली निकट दृष्टिदोष की समस्या

सड़कों पर वाहन लेकर दौड़ रहे 50 प्रतिशत चालकों की आंखें कमजोर हैं। शिविर में नेत्र विशेषज्ञों ने कुल 136 चालकों की आंखों की जांच की, जिसमें से 68 को
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सागर

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Madan Tiwari

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Jun 19, 2025

चालक-डे पर बस चालकों का नेत्र परिक्षण के साथ किया सम्मानित

सागर. चालक-डे पर रविवार को परिवहन विभाग ने डॉ. हरिसिंह गौर मुख्य बस स्टैंड पर व्यवसायिक वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण शिविर, अग्निशमन प्रशिक्षण व चालक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इसमें यह बात सामने आई है कि सड़कों पर वाहन लेकर दौड़ रहे 50 प्रतिशत चालकों की आंखें कमजोर हैं। शिविर में नेत्र विशेषज्ञों ने कुल 136 चालकों की आंखों की जांच की, जिसमें से 68 को निकट दृष्टिदोष की समस्या पाए जाने पर उन्हें चश्मा लगाने की सलाह दी गई तो वहीं 2 चालकों को मोतियाबिंद की शिकायत मिलने पर इंदिरा नेत्र चिकित्सालय रेफर किया गया। चर्चा के दौरान चालकों ने भी मांग की है कि समय-समय पर इस प्रकार के शिविरों का आयोजन होता रहे, जिससे चालक/परिचालकों की नेत्र संबंधी जांच होती रहेगी। यदि नेत्र संबंधी कोई रोग है, तो समय पर उपचार किया जा सके।

दरअसल कलेक्टर संदीप जीआर ने परिवहन विभाग को चालक-डे पर वाहन चालकों का नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन करने निर्देश दिए थे, जिसके चलते रविवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। वहीं नगर निगम के फायर ऑफिसर सईदउद्दीन कुरैशी व एक निजी विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एके सिंह ने चालकों को फायर सेफ्टी की प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उदाहरण देते हुए पेट्रोल से आग लगाई और अग्निशमन यंत्र से किस तरह उसे बुझाना इसके संबंध में पूरा प्रेक्टिकल करके बताया। इस दौरान 4 वाहन चालकों से भी आग बुझाने की प्रक्रिया करवाकर प्रशिक्षित किया। शिविर में उपस्थित सभी चालकों को पुष्प माला पहनाकर सम्मानित किया गया।

- यात्रियों की सुरक्षा चालक की जिम्मेदारी

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार तेहनगुरिया ने अपने संबोधन में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी चालक की रहती है। बारिश का मौसम शुरू हो गया है, ऐसे में ध्यान रखें कि पुल, पुलियों, रिपटा आदि पर जलभराव की स्थिति में जल्दबाजी कर वाहनों को न निकालें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, ओवरलोड वाहन का संचालन न करें, असुरक्षित तरीके से ओवरटेक करने से बचें। इसके अलावा अन्य सुरक्षा संबंधी उपायों का पालन करते हुए अपने-अपने वाहनों का संचालन करे। इस अवसर पर बस ऑपरेटर एसोशिएशन, स्कूल बस ऑपरेटर्स, ऑटो रिक्शा यूनियन के पदाधिकारी व परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।