
Acharyashri Vidyasagar Maharaj
सागर. भाग्योदय तीर्थ में शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय हथकरघा संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में सुबह आचार्य विद्यासागर महाराज ने कहा कि भारत का विश्व में अपना अलग अस्तित्व है लेकिन यहां के लोगों ने इसका इतिहास नहीं समझा है। यहां विद्यालय खुलते जा रहे हैं शिक्षा का अर्थ गौण होता जा रहा है । शिक्षा का उद्देश्य नौकरी पाना हो गया है । लोग श्रम करना भूल गया है। श्रम करने की शिक्षा तो आश्रम से मिलती है। मन दुखी हो जाता है जब सुनते हैं कि भारत के महाविद्यालयों में पढ़े लिखे अस्सी प्रतिशत इंजीनियर काम के नहीं हैं। आज छोटी सी नौकरी के लिए भी उच्च शिक्षित विद्यार्थी कतार में खड़े हैं। क्योंकि विद्यालय संस्कारित शिक्षा के केन्द्र नहीं सिर्फ गोदाम हैं । हथकरघा हिंसा से अहिंसा की ओर जाने का उपक्रम है । कौटिल्य के अर्थ शास्थ को किनारे करके हम जिस धन संपत्ति को संपदा मान रहे हैं वो भूल है , प्राकृतिक संसाधन ही सही संपदा है ।
आचार्य श्री ने कहा विदेशी लोगो ने भारत को जाना पहचाना है पर भारत के लोगों ने अपने स्वयं के इतिहास का नहीं जाना है। शील मर्यादा का पालन विदेशी वस्त्रों से कभी संभव नहीं है हथकरघा के वस्त्रों के माध्यम से इसका पालन कर सकते हैं। इसी में आप स्वस्थ रहोगे और इसी में परमार्थ भी करोगे।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मध्यप्रदेश शासन के लघु व कुटीर उद्योग मंत्री हर्ष यादव ने कहा कि हस्तकला व शिल्पकला को नए आयाम देना ही हमारी प्राथमिकता है। आज हमें आचार्य विद्यासागर जैसे शिल्पकार का मार्गदर्शन मिल रहा है , उनकी परिकल्पना को साकार करने की हम पूरी कोशिश करेंगे ।
केन्द्रीय जेल सागर में हथकरघा शुरू करने का मार्गदर्शन देने वाले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद जैन धार ने कहा कि जेल से निकलने के बाद कैदी की मनोभावना को मजबूत बनाने में हस्त कौशल की बड़ी भूमिका होती है। मध्यप्रदेश हस्त शिल्प विकास निगम के प्रबंध निर्देशक नीरज दुबे ने कहा कि हथकरघा से बने वस्त्रों को प्रोत्साहन मिले ऐसा हमारा प्रयास होगा । कृषि क्षेत्र के बाद हथकरघा ही ऐसा है जो रोजगार का बड़ा कार्य क्षेत्र बन सकता है । हथकरघा को जनाधार वाला कुटीर उद्योग बनाऐंगे ।
उत्तरप्रदेश शासन के प्रतिनिधि के रूप में पधारे एआईजी व्हीके जैन ने कहा कि हथकरघा व्यक्तियों को जोडऩे का कार्य कर रहा है । आज आगरा व मिर्ज़ापुर में आचार्य श्री की प्रेरणा से हथकरघा का सफलता पूर्वक संचालन हो रहा है। हर्ष यादव संगोष्ठी का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ बड़े बाबा व आचार्य ज्ञानसागर महाराज के चित्र अनावरण व दीप प्रज्जवलन से हुआ । संजय टड़ा ने पूजन करवाया । जैन समाज ने मंत्री हर्ष यादव को ज्ञापन सौंपा व आयोजन समिति में स्मृति चिन्ह भेंट किया ।
तिहाड़ जेल की गतिविधियों को किया प्रस्तुत
दोपहर में 2 बजे से आयोजित द्वितीय सत्र में तिहाड़ जेल दिल्ली के डीआईजी एसएस परिहार ने कहा कि सागर जेल में हथकरघा का इतना बड़ा केन्द्र व उत्पाद देखकर अभिभूत हूं। आचार्य श्री का उद्देश्य दंडात्मक व्यवस्था को सुधारात्मक व्यवस्था की ओर ले जाने में ये हस्त कौशल कारगर सिद्ध हो रहा है। उन्होंने तिहाड़ जेल में चल रही सुधारात्मक गतिविधियों की प्रस्तुति दी । साथ ही उन्होंने आचार्यश्री को संघ सहित तिहाड़ जेल आने का निवेदन किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया, विधायक शैलेन्द्र जैन, आईएएस राहुल जैन, नरेश भाई संघवी , प्रभात जैन मुंबई, राजा भाई सूरत, किरीट भाई मुंबई ,विनोद जैन रायपुर, विनोद कोयला बिलासपुर , महेश बिलहरा, आनंद स्टील , प्रेमचंद जैन, कपिल लंबरदार ,अनूप ताले वाले ,डॉ. राजा जैन, डॉ. नीलम जैन, ब्र. सुनील भैया, दीपक भैया, ब्र. संजीव भैया सहित विभिन्न नगरों से पधारे समाजसेवी उपस्थित थे । संचालन संगोष्ठी प्रभारी ब्र. डॉ. रेखा जैन ने किया ।
आज होगा समापन
प्रवक्ता वीरेन्द्र मालथौन ने बताया कि रविवार को सुबह आठ बजे तृतीय सत्र एवं समापन सत्र दोपहर दो बजे से होगा । आचार्यश्री का विशेष रविवारीय प्रवचन भी दोपहर में होगा । रात्रि में आचार्य श्री के जीवन पर आधारित विद्योदय फि़ल्म दिखाई जाएगी ।
Published on:
17 Feb 2019 08:04 am
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