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हनुमान पर आधारित है आंजनेय काव्य संग्रह

पाठक मंच की गोष्ठी

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Anjaya Poetry Collection pathak manch

Anjaya Poetry Collection pathak manch

सागर. साहित्य अकादमी, मप्र संस्कृति परिषद भोपाल के स्थानीय उपक्रम सागर पाठक मंच की 60वीं गोष्ठी तिली स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित हुई। मुख्य अतिथि के रूप में हनुमानजी के जीवन चरित पर रचित ग्रंथ आंजनेय के लेखक, अनूपपुर अपर कलेक्टर राम प्रकाश तिवारी रहे।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सद्गुणों की समग्रता हनुमानजी के व्यक्तित्व में है। वे आज भी प्रसांगिक हैं। उनमें धैर्य, बल, विद्या, बुद्धि की व्यापकता है। 'आंजनेयÓ काव्य संग्रह गुरु कृपा और हनुमानजी की कृपा का ही फल है, जो अब पाठक समाज के लिए समर्पित है।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे साहित्यकार डॉ. महेश तिवारी ने कहा कि आंजनेय पुस्तक में राजनीतिक कौशल, राष्ट्रप्रेम, जीवनमूल्यों को हनुमानजी के व्यक्तित्व से जोड़कर एक सकारात्मक दृष्टिकोण से व्याख्यायित किया गया है।
इस मौके पर केंद्र संयोजक उमाकान्त मिश्र ने स्वागत उद्बोधन व लेखक का परिचय दिया। संतोष पाठक ने श्रीराम व हनुमानजी की स्तुति की व लोकगायक शिवरतन यादव ने आंजनेय पुस्तक से मंगलाचरण का गायन किया। गोष्ठी में डॉ. आरडी मिश्र के निधन पर 2 मिनट की श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समापन के बाद मंदिर परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष अखिलेश शर्मा, डॉ. अंजना चतुर्वेदी तिवारी, डॉ. सर्वेश्वर उपाध्याय, डॉ. आनंद तिवारी, डॉ. सरोज गुप्ता, डॉ. निशा इन्द्र गुरु, डॉ. आशा पराशर, शिवशंकर केसरी, निर्मलचंद निर्मल, डॉ.गजाधर सागर, डॉ. मनीष झा, डॉ. कविता शुक्ला, डॉ.छाया चौकसे, डॉ. सरोज दुबे, प्रतिमा नेमा, सीमा उपाध्याय, डॉ. संगीता मुखर्जी, किरण प्रभा मिश्र, कुसुम शास्त्री, डॉ. स्मिता सिंह मौजूद रहे। सागर नगर में लगातार काव्य पाठ होने का असर यह हुआ कि इसकी झलक अब बच्चों में भी देखी जा सकती है। काव्य पाठ की दिशा में नव युवक भी आगे आ रहे हैं और बेहतर रचनाओं का सृजन कर रहे हैं। शहर में कई मंच इस दिशा में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं।