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बिना किताबें शुरू हुआ सरकारी स्कूलों में नया सत्र

- पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा अभी विकासखंड स्त्रोत समन्वयक को की जा रही है सप्लाई

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सागर

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Reshu Jain

Apr 05, 2019

बिना किताबें शुरू हुआ सरकारी स्कूलों में नया सत्र

बिना किताबें शुरू हुआ सरकारी स्कूलों में नया सत्र

सागर. स्कूल शिक्षा विभाग ने नए सत्र की शुरूआत 1 अप्रैल से कर दी है। छात्र-छात्राएं स्कूल तो पढऩे पहुंच रहे हैं लेकिन बैग में किताबें नहीं हैं। पुस्तकें न मिलने की वजह से इस माह पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पाठ्य पुस्तक निगम के द्वारा विकास स्त्रोत समन्वयक को पुस्तकों की सप्लाई शुरू तो कर दी हैं, लेकिन अभी न के बराबर ही पुस्तकें सप्लाई की गई है। संभाग की बात करें तो कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के लिए 44 लाख 96 हजार 61 किताबों की डिमांड पाठ्य पुस्तक निगम से की गई है और अभी सप्लाई 11 लाख 68 हजार 672 पुस्तकें हुई हैं। वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं की किताबें बहुत कम सप्लाई की गई हैं। 9वीं से 12वीं तक के लिए 22 लाख 90 हजार 177 पुस्तकों की मांग की गई है, अभी पांचों जिलों को मिलाकर कुल 42 हजार 60 पुस्तकें ही सप्लाई हुई हैं।

जिले में ही है 15 लाख पुस्तकों की दरकार
पाठ्य पुस्तक निगम के द्वारा अभी विकास स्त्रोत समन्वयक को पुस्तकें सप्लाई की जा रही हैं। इसके बाद यह स्कूलों में पहुंचेंगी। अप्रैल में किताबें सप्लाई का ही काम चलेगा। इसका मतलब यह है कि इस माह बगैर पुस्तकों के ही पढ़ाई कराई जाएगी। जिले में ही 15 लाख से अधिक किताबों की दरकार है। और अभी तक लगभ ३ लाख किताबों की सप्लाई ब्लॉकों में की गई है।

दमोह छतरपुर में पहले जा रही किताबें

पाठ्य पुस्तक निगम सागर के प्रभारी राजीब चौबे ने बताया कि शिक्षा के लिए किए गए केंद्र सरकार द्वारा कराए गए एक सर्वे में प्रदेश के 8 जिलों को आकांक्षी जिला माना गया गया। जिसमें सागर के दमोह और छतरपुर जिले शामिल हैं। इसलिए इन जिलों में पहले प्रमुखत: से पुस्तकें सप्लाई की जा रही है। दमोह में लगभग 23 और छतरपुर में लगभग 55 प्रतिशत पुस्तकों की सप्लाई हो चुकी है। जितनी पुस्तकें हमारे पास आती जा रही हैं उनकी सप्लाई की जा रही है।