
bundelkhand medical college sagar
सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) वेंटिलेटर पर आ गया है। यहां की व्यवस्थाएं लचर हो चली हैं। हालात यह हैं कि मरीज यहां डॉक्टर से परामर्श तो ले सकते हैं, लेकिन जांच के लिए उन्हें बाहर ही जाना पड़ेगा। दरअसल, सोनोग्राफी यूनिट का एक मात्र रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर चला गया है। इस वजह से प्रबंधन ने पत्र चस्पा कर दिया है कि सोनोग्राफी 26 नवंबर तक बंद रहेगी। ब्लड सैंपल के लिए ट्यूब का टोटा बना हुआ है। वहीं सीटी स्कैन का तो पता ही नहीं है।
बीएमसी में एक दिन में 20 सोनोग्राफी होती है। वैसे यहां पर यह जांच कराने आने वाले मरीजों की संख्या 80 से ज्यादा होती है। एेसे में शेष मरीजों को नंबर दिए जाते हैं। वहीं, वार्ड में भर्ती मरीज अलग होते हैं। इनकी सोनोग्राफी के लिए डॉक्टर इमरजेंसी लिखकर देते हैं, तब दूसरी जांचों को रोककर बीच में इनकी जांच की जाती है। सोनोग्राफी कराने बीएमसी आने वाले मरीजों में ज्यादातर गरीब मरीज होते हैं, एेसे में इनके सामने विकट स्थिति निर्मित हो रही है। इस संबंध में बीएमसी अधीक्षक डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि इमरजेंसी केस में जिला अस्पताल में सोनोग्राफी की व्यवथा की गई है।
सीटी स्कैन बंद
बीएमसी में हेड इंजुरी वाले मरीज भी परेशान हो रहे हैं। लंबे समय से प्रबंधन इस यूनिट की सीलिंग रिपेयर नहीं करा पाया है। बताया जाता है कि सीपेज के कारण मशीन खराब हो गई है। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि जिला अस्पताल के सामने अनुबंध वाले सेंटर में मरीजों की सीटी स्कैन हो रही है।
सिरिंज में लिए जा रहे ब्लड सैंपल
सेंट्रल लैब में ब्लड सैंपल लेने के लिए ट्यूब नहीं हैं। वार्डों में भर्ती मरीजों के ब्लड सेंपल सिरिंज में लिए जा रहे हैं। एक साथ बड़ी संख्या में यह सैम्पल जांच के लिए आते हैं। इससे जांच में भी वक्त लगता है। ट्यूब की जगह सिङ्क्षरज में सैम्पल लेने में जांच रिपोर्ट गलत आने की आशंका बनी रहती है। जानकारों की माने तो सिरिंज में ब्लड सैम्पल लेने से कुछ समय बाद हीमोलाइज्ड हो जाता है।
रेडियोलॉजिस्ट ने छुट्टी के लिए आवेदन दिया था। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सीरियस मरीजों की सोनोग्राफी अस्पताल में कराई जाएगी। सीटी स्कैन मशीन के बंद होने की जहां तक बात है तो उसे दुरस्त कराया जाएगा।
डॉ. आरएस वर्मा, अधीक्षक बीएमसी
जिला अस्पताल... जनवरी में शुरू होगी सीटी स्कैन
मप्र के 13 जिलों के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। इन जिलों में सागर का भी नाम है। 1 जनवरी को हर हाल में जिला अस्पताल में इस मशीन की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। स्वास्थ्य विभाग इसे गंभीरता से ले रहा है। टीम ने सीटी स्कैन मशीन रखे जाने के लिए बनाए गए कक्षों का निरीक्षण किया था। उम्मीद जताई जा रही है कि यह मशीन दिसम्बर आखिरी तक मिल जाएगी।
प्रदेश में 13 जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगना है। योजना में सागर भी शामिल है। यह जनवरी में मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे जिले के मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
डॉ. अरुण सराफ, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
Published on:
21 Nov 2017 01:04 pm
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