
Not tested drugs Medicine
सागर. देशभर की 31 जीवन रक्षक दवाओं के नमूने मानक स्तर पर खरे नहीं उतरे हैं। इसे लेकर केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने अलर्ट जारी किया है। इन दवाओं का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर, नींद, विटामिन, एलर्जी और एंटीबायोटिक के रूप में किया जाता है। डॉक्ट्र्स की मानें तो इसमें से कुछ ऐसी दवाएं ऐसी हैं, जिनका इस्तेमाल प्रतिदिन होता है। सीडीएससीओ ने ताजा ड्रग अलर्ट में यह खुलासा किया है। इनमें हार्टअटैक को रोकने वाली इनालाप्रिल मैलीट टेबलेट, ट्रीयामसिनोलोन ऐसिटोनाइड इंजेक्शन, सीफोप्राजोन एंड सल्बेक्टम इंजेक्शन हैं। पैरासीटामोल टैबलेट भी शामिल है, जो कांगड़ा के संसारपुर टैरेस स्थित उद्योग मैडिरोज ड्रग्स में निर्मित है।
इंदौर की दवा है शामिल
एमिकासिन सल्फेट इंजेक्शन जो कि इंदौर के कनाडिया रोड के बिचौली हपसी प्राइवेट लिमिटेड में निर्मित हैं, इसका नमूना भी फेल हुआ है। इंजेक्शन का इस्तेमाल उल्टी और सिरदर्द के लिए किया किया जाता है।
यहां के उद्योगों की हुई जांच
सीडीएससीओ की जांच में प्रदेश के नामी दवा उद्योगों में निर्मित दवाओं के अलावा यूपी, पंजाब, हैदराबाद, बैंगलुरु, गुजरात, हरियाणा, न्यू दिल्ली, फलगार वेस्ट, दिल्ली, मध्यप्रदेश की दवाएं भी शामिल हैं। सीडीएससीओ ने यह नमूने सब जोन बद्दी, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, गाजियाबाद, मुंबई, जम्मू, दिल्ली, इंदौर, गोवा से लिए थे।
यहां बता दें कि सीडीएससीओ समय-समय पर देश में विभिन्न जगहों से सैम्पल लेकर दवाओं की जांच करता है। मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली दवाओं का स्टॉक सम्बंधित फर्म से वापस लेने को कहा जाता है। कई बार तो दवाएं बैन भी कर दी जाती हैं।
इन दवाओं का होता है रोजाना इस्तेमाल
इनालाप्रिल- ब्लड प्रेशर
लीवोसिट्राजिन- एलर्जी
डॉजिपास- नींद
पोटासियम-पैरोसीटामोल- दर्द निवारक
यह दवाएं रोजना प्रयोग किए जाने वाली हैं। हर एक दवा को बनाने वाली कई कंपनी हैं और केवल एक-एक कंपनी की दवा का मानक स्तर सही नहीं पाया गया है। इसलिए इन जैसी सभी दवाईयों को हम खराब नहीं कह सकते हैं।
डॉ. प्रदीप चौहान, मेडिसन
Published on:
18 Nov 2017 01:33 pm
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