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Viral video : अस्पताल बना अखाड़ा, डॉक्टर ने धुनाई कर उतारा आरोपी का नशा, देखें वीडियो

ट्रेन में उत्पात मचा रहे आरोपियों को अस्पताल लाई थी आरपीएफ, विवाद के बाद डॉक्टर ने की पिटाई
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सागर

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Sanjay Sharma

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Updated: 13 Nov 2017, 6:58 PM IST

Civil hospital Bina, mp

Civil hospital Bina

बीना. स्थानीय सिविल अस्पताल का एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वाट्सएप ग्रुप पर धड़ाधड़ शेयर भी हो रहा है। दरअसल, एमएलसी कराने आए एक आरोपी की जमकर धुनाई की जा रही है। धुनाई करने वाले हैं डॉ. वीरेंद्र ठाकुर। उनका इस बारे में तर्क है कि उन्हें अपने बचाव में यह करना पड़ा। वीडियो में दिख रहा है कि आरोपियों को आरपीएफ के जवान अस्पताल लाए थे, लेकिन वह भी कुछ नहीं कर पाए। यही नहीं आरोपी की पिटाई होने के बाद भी वह डॉक्टर के ऊपर हाथ उठाते नजर आया और गाली-गलौज कर रहा था।

दरअसल, मामला रविवार रात 11.30 बजे का बताया जाता है। जब आरपीएफ दीपक रजक निवासी खुरई, गनपत सोलंकी निवासी विदिशा जो दक्षिण एक्सप्रेस में शराब पीकर उत्पात मचाते पकड़े गए थे। इन्हें आरपीएफ एमएलसी के लिए अस्पताल लेकर पहुंची थी। अस्पताल में डï्यूटी पर मौजूद डॉ. वीरेेन्द्र ठाकुर एमएलसी कर रहे थे। अचानक आरोपी और डॉक्टर के बीच कुछ विवाद हो गया और विवाद इतना बढ़ा कि डॉक्टर ने पहले तो आरोपी दीपक को हाथ, लात से मारपीट कर और बाद में पुलिस के डंडा, चप्पल से आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। आरपीएफ के जवान भी बीच बचाव करते नजर आ रहे हैं, लेकिन कोई शांत नहीं हुआ। करीब दस मिनट पूरा मामला चला, इसके बाद और पुलिस फोर्स तब कहीं जाकर मामला शांत कराया गया।

कुछ माह पहले भी हुआ था डॉक्टर का विवाद
कुछ माह पहले ही डॉ. ठाकुर का विवादा गोल्डी अरोरा, राकेश बिलगैंया से हुआ था। इसमें राकेश बिलगैंया और डॉक्टर के बीच हाथापाई भी हुई थी, जिससे दोनों को चोटें आई थीं। लगातार हो रहे इस प्रकार की मामले से सिविल अस्पताल का नाम बदनाम हो रहा है।

मैंने अपना बचाव किया है
जो आरोपी एमएलसी के लिए आए थे वह दोनों ही यह कह रहे थे कि एमएलसी में शराब न लिखें और इसके लिए वह राजनैतिक धौंस दे रहे थे। इसके बाद गाली-गलौज करने लगे। दीपक मारपीट करने पर उतारू हो गया था और अपने बचाव के लिए मुझे हाथ उठाना पड़ा। पुलिसकर्मी जो साथ में थे वह भी कुछ नहीं कह रहे थे। विभागीय अधिकारियों को भी सिक्यूरिटी गार्ड के लिए पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। मैं एक मामले में गवाह हूं और मुझ पर आए दिन हमले हो रहे हैं। मुझे जान का खतरा है।
डॉ. वीरेन्द्र ठाकुर, सिविल अस्पताल

की गई कार्रवाई
कंट्रोल रुम से मैसेज मिला था कि कुछ लोग ट्रेन में उत्पात मचा रहे हैं, जिन्हें बीना पकडऩा था। आरोपी शुरू से ही अभद्रता कर रहे थे। आरोपियों को बिना टिकट, शराब पीकर उत्पात मचाने, रेल कर्मियों के काम में बाधा डालने की कार्रवाई की गई है, जिन्हें भोपाल न्यायालय में पेश किया गया है।
आरके भास्कर, डीआई, आरपीएफ थाना, बीना