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मीटर बदलने के एक माह बाद बिजली चोरी का केस बनाया, वसूली नोटिस से डिप्रेशन में शिक्षक

बिजली कंपनी ने पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया और इसके एक माह बाद उपभोक्ता पर बिजली चोरी का प्रकरण बनाकर वसूली का नोटिस थमा दिया। कंपनी ने वसूली नोटिस

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सागर

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Madan Tiwari

May 26, 2025

bijli

कंपनी की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में, उपभोक्ता को कार्रवाई की जानकारी भी नहीं दे रहे

सागर. बिजली कंपनी ने पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया और इसके एक माह बाद उपभोक्ता पर बिजली चोरी का प्रकरण बनाकर वसूली का नोटिस थमा दिया। कंपनी ने वसूली नोटिस में मीटर में छेद करके बिजली चोरी करने का जिक्र किया है, लेकिन उसमें स्थल निरीक्षण की जो तारीख दी है, उसके एक माह पहले कंपनी उपभोक्ता के घर से मीटर निकालकर ले गई थी। मामले को लेकर उपभोक्ता ने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की तो उसे बिना निराकरण के बंद करा दिया गया। वहीं उन्होंने आरटीआई से स्थल निरीक्षण का पंचनामा की जानकारी मांगी तो कंपनी वह भी देने तैयार नहीं है। कंपनी की इस कार्यप्रणाली के चलते उपभोक्ता डिप्रेशन में आ गया है, जिसका इंदौर में इलाज चल रहा है।

दरअसल 4 मार्च 2025 को शनिचरी निवासी डॉ. संतोष पुत्र कन्हैयालाल साहू के घर का पुराना मीटर निकालकर स्मार्ट मीटर लगाया गया था। उस दौरान उनके पुराने मीटर को सही बताया, लेकिन एक माह से ज्यादा समय बीतने के बाद 12 अप्रेल को उनके पास बिजली कंपनी का वसूली नोटिस पहुंचा, जिसमें पता चला कि कंपनी ने उनके खिलाफ बिजली चोरी का प्रकरण बना दिया है। इसका कारण उनके पुराने मीटर में छेद करके चोरी करना बताया गया।

- शिकायत वापस लेने दबाव बना रहे

डॉ. साहू ने बताया कि उनके घर पर जब मीटर था ही नहीं तो कंपनी के अधिकारियों ने कहां का स्थल निरीक्षण कर लिया। नोटिस पर भी न तो जांचकर्ता अधिकारी का नाम, हस्ताक्षर हैं और न ही साक्षियों व घर के किस सदस्य के सामने पंचनामा बनाने का जिक्र किया गया है। सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की तो बिजली कंपनी की ओर से आए कैलाश नाम के व्यक्ति ने आकर शिकायत वापस लेने का बोलते हुए अपने अधिकारी किसी माहोर साहब से मिलने का बोला।

- लैब टेस्टिंग के बाद चलता है गड़बड़ी का पता

बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि शहर से निकाले जा रहे प्रत्येक मीटर को जांच के लिए लैब भेजा जाता है, जिससे पता चल सके कि उसमें कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है, लेकिन इस मामले में सबकुछ उल्टा नजर आ रहा है। लैब में मीटर की जांच 12 मई को हुई है, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है, लेकिन कंपनी ने उसके एक माह पहले यानी 5 मई को ही उपभोक्ता को गलत साबित करते हुए वसूली का नोटिस थमा दिया था।

- यह चीजें पैदा कर रहीं संदेह

- 4 मार्च को पुराना मीटर निकाला।

- 5 अप्रेल को स्थल निरीक्षण कर मीटर में छेद होना बताया।

- 13 मई को लैब में हुई जांच में मीटर में छेद नहीं मिला।

- लैब के कर्मचारियों ने मीटर के अंदर तार टूटा होना बताया।

- बिना निराकरण के सीएम हेल्प लाइन बंद कराई।

- आरटीआई से पंचनामा मांगा, लेकिन जानकारी नहीं दी।

- रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा

मीटर में छेड़छाड़ का पता करने लैब में टेस्ट कराते हैं, वहां से एक-दो दिन में रिपोर्ट आने के बाद ही पता स्थिति स्पष्ट होगी। अभी इस मामले में कुछ नहीं कह सकते।

अजीत चौहान, कार्यपालन अभियंता, शहर