
Clerk gave more than 60 lakhs salary to employees by mistake, now proposal sent for action
बीना. पंचायतों में विकास कार्य कराने और पंद्रहवें वित्त की राशि से कार्य कराने सहित अन्य विषयों को लेकर शुक्रवार को जनपद पंचायत कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों को सरकार की गाइडलाइन से हटकर लिपिक द्वारा गलत तरीके से वेतन देने का मामला सबसे ज्यादा गर्माया, जिमसें विधायक महेश राय सहित सभी जनपद सदस्यों सहमति से लिपिक के खिलाफ अमानत में खयानत के तहत जांच कर कानूनी कार्रवाई करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा है। विधायक ने बैठक शुरू होते सबसे पहले सीइओ आशीष जोशी से पूछा कि जिन कर्मचारियों को वसूली के लिए नोटिस भेजे गए हैं उसमें गलती किसकी है? उस पर कार्रवाई की जाए। सीइओ ने जानकारी देते हुए कहा कि कभी भी किसी कर्मचारी को सरकार की गाइडलाइन और निमय से हटकर वेतन नहीं दिया जा सकता है, लेकिन जनपद के कुछ कर्मचारियों को अधिक वेतन दिया गया है और इसका खुलासा इन कर्मचारियों की सर्विस बुक फंड रिलीज के लिए सागर लोकल फंड ऑडिट के लिए भेजी गई थी। उसमें पता चला कि कर्मचारियों को वर्ष 1996 से ज्यादा वेतन दिया जा रहा है। सभी कर्मचारियों को करीब 60 से 70 लाख रुपए अधिक वेतन दिया गया है, जिसकी वसूली करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। वर्ष 1996 में लिपिक के पद पर पदस्थ यूके नाहर द्वारा यह गड़बड़ी होना प्रथम दृष्टता पाई गई है। वहीं लिपिक का कहना है कि 1996 में बैठक में वेतन बढ़ाने के लिए प्रस्ताव डाला गया था, लेकिन यह बात अधिकारियों को इसलिए हजम नहीं हो रही है कि क्योंकि सरकार द्वारा तय किए गए नियमों से हटकर वेतन नहीं दिया जा सकता है, इसलिए कार्रवाई के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बैठक में रखे गए अन्य मुद्दों को सदस्यों की सहमति से पारित किया गया। बैठक जनपद अध्यक्ष सावित्री यादव सहित सदस्य शामिल हुए।
पंद्रहवें वित्त में मिली 96 लाख की राशि से होंगे काम
पंद्रहवें वित्त में जनपद पंचायत के लिए कुल 96 लाख की राशि दी गई है, जिसमें से पेयजल आपूर्ति के लिए 24 लाख, स्वच्छता के लिए 24 लाख व अनावरध राशि के लिए 48 लाख रुपए दिए गए हैं। इसमें गोशाला निर्माण, सीसी रोड, बाउंड्रीवॉल, स्कूल, आंगनबाड़ी, कांजी हाऊस सहित अन्य कार्य के लिए कार्ययोजना सदस्यों की सहमति से बनाई गई है।
सदस्यों को पंद्रह महीने से निहीं मिला मानदेय
जनपद सदस्यों के लिए करीब पंद्रह महीनों से मानदेय नहीं मिला है। जिसपर जनपद सदस्य इंदर सिंह ने सीइओ से कहा यदि मानदेय नहीं मिला तो सभी सदस्य बैठक का बहिष्कार करेंगे। सीइओ ने प्रदेशभर में शासन से मानदेय न मिलने और इसके लिए कई बार पत्र भी भेजने की बात कही।
राशि निकालने के बाद भी नहीं हुए काम
ग्राम आमखेड़ा में श्मशानघाट पर टीन शेड के लिए राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन आज तक काम नहीं किया गया है। इसकी शिकायत भी जनपद सदस्यों ने की। विधायक ने कहा कि पंचायत से या तो काम कराएं या फिर राशि वापस लें। जिसपर सीइओ ने 15 जनवरी तक काम कराने या फिर राशि वापस लेने की बात कही।
Published on:
08 Jan 2021 07:13 pm

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