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५०० बिस्तर का होगा दमोह जिला अस्पताल, प्रबंधन ने शासन को भेजा प्रपोजल

-३०० पलंग पर ५०० से ज्यादा भर्ती हो रहे मरीज-मंजूरी मिलने पर मिलेगा ज्यादा बजट, डॉक्टर्स की होगी भर्ती।-१२ साल में बढ़ चुकी चार लाख की आबादी, इस लिहाज से भी है बेड संख्या बढ़ाने की जरूरत  

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सागर

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Aakash Tiwari

Mar 17, 2023

Damoh district hospital will be of 500 beds, management sent proposal to the government

Damoh district hospital will be of 500 beds, management sent proposal to the government

दमोह. जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस हिसाब से अब प्रबंधन भी अस्पताल के विस्तार की ओर देख रहा है। बताया जाता है कि ३०० बिस्तरीय जिला अस्पताल को ५०० बिस्तर का बनाने के लिए एक प्रपोजन शासन को भेजा गया है। शासन स्तर से इस प्रपोजल पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी तक शासन को ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। हालांकि प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में ५०० बेड की मंजूरी मिल जाएगी। मौजूदा हालात के तौर पर अस्पताल में बेड बढ़ाने की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि यहां पर सुविधाएं वर्ष २०११ की जनसंख्या के अनुसार हैं, पर वर्ष २०२३ की जनसंख्या पर गौर करें तो इसमें १२ साल में जिले की आबादी में करीब ४ लाख का इजाफा हुआ है। ऐसे में अस्पताल का भी लोड काफी बढ़ चुका है।
-सीएमएचओ ऑफिस किया जा सकता है शिफ्ट
शासन यदि २०० बिस्तर बढ़ाने की मंजूरी देता है तो प्रबंधन के पास स्थान की कमी निश्चित रूप से खलेगी। हालांकि विकल्प के तौर पर प्रबंधन के पास सीएमएचओ कार्यालय है। यहां का कार्यालय े पुराने सीएमएचओ कार्यालय में शिफ्ट किया जा सकता है।
-धूप में लग रही मरीजों की लंबी कतारें..
मौजूदा समय में मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। पर्ची काउंटर पर सुबह से ही भीड़ लगने लगती है। शेड न सीमित दायरे तक होने की वजह से अन्य मरीजों को धूप में खड़े होकर अपनी पारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को हो रही इस परेशानी पर प्रबंधन को ध्यान देने की जरूरत है, जिसकी अनदेखी प्रबंधन काफी समय से कर रहा है।
यहां भी देना होगा ध्यान
-विशेषज्ञों की कमी लंबे समय से बनी हुई है।
-प्रमुख विभागों में एक-एक विशेषज्ञ है। कई पद खाली पड़े हुए हैं।
-नर्सिंग स्टाफ व पैरामेडिकल स्टाफ भी समानांतर बढ़ाने की जरूरत होगी।
-लैब, एक्सरे, पर्ची काउंटर आदि में भी विस्तार की जरूरत होगी।
यह मिलेगा फायदा...
-वर्तमान में ओपीडी और आइपीडी संख्या ४०० के आसपास है।
-फ्लोर बेड लगाने की नहीं पड़ेगी जरूरत।
-डॉक्टरों की भी होगी तैनात, अन्य स्टाफ भी नियुक्त करेगा शासन।
-अन्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए शासन पर बढ़ेगा दबाव।

आज ही पत्र लिखा है...
अभी मौजूदा समय में ५०० से ज्यादा मरीज भर्ती हो रहे हैं। ५०० बेड की मंंजूरी के लिए शासन को दोबारा पत्र लिखा है। मंजूरी मिलती है तो बजट भी बढ़ेगा और साथ ही डॉक्टर्स और मैनपावर भी बढ़ेगा।

डॉ. राजेश नामदेव, सिविल सर्जन