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सागर/ बैंक अधिकारियों व बीमा कंपनी की लापरवाही के चलते बीमा होने के बावजूद किसान के फसल क्षतिपूॢत से वंचित रहने के परिवाद पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम ने 60 हजार रुपए का भुगतान ब्याज और अन्य व्यय के रूप में करने का आदेश बीमा कंपनी और बैंक शाखा को दिया है। यह राशि दो महीने में अदा नहीं करने पर 8 फीसदी ब्याज अदा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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अधिवक्ता संतोष कुमार सोनी के अनुसार परिवादी चंद्रभान कोतू रहली तहसील के चांदपुर के निवासी हैं जिनकी मझगुवां हल्का स्थित सात एकड़ खेत में सोयाबीन की फसल बोई थी। जिसका बीमा एचडीएफसी इरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया था। मध्यांचल बैंक की चांदपुर शाखा से इसकी प्रीमियम राशि 1680 रुपए भी किसान के बैंक खाते से काट ली गई लेकिन किसान की जानकारी के रूप में उसकी खेती के हल्के मझगुवां को रहली तहसील के स्थान पर बण्डा तहसील में दर्शाया गया। बैंक शाखा की इस गलती के चलते किसान को क्षतिपूर्ति राशि से वंचित होना पड़ा क्योंकि बण्डा तहसील स्थित मझगुवां में फसलों को क्षति नहीं हुई थी जबकि रहली के मझगुवां में फसल 75 फीसदी से ज्यादा नष्ट हो गई थीं।
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बैंक और बीमा कंपनी के बीच की इस गलती की वजह से फसल क्षतिपूॢत से वंचित किसान चंद्रभान कोतू द्वारा उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया गया जिस पर सुनवाई उपरांत परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार कर मध्यांचल बैंक की चांदपुर शाखा को बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति राशि 55182 रुपए के अलावा चार हजार रुपए सेवा में कमी व वाद व्यय के साथ दो माह में किसान चंद्रभान को अदा करने के आदेश दिए हैं
Published on:
27 Feb 2020 07:05 pm

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