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पोर्टल पर दर्ज नहीं उपज, किसानों ने लगाया जाम

पोर्टल पर दर्ज नहीं उपज, किसानों ने लगाया जाम

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पोर्टल पर दर्ज नहीं उपज, किसानों ने लगाया जाम

पोर्टल पर दर्ज नहीं उपज, किसानों ने लगाया जाम

शाहगढ़. तहसील क्षेत्र के किसानों ने रविवार को उपार्जन केंद्र पर ***** जाम कर दिया। किसानों ने मांग की कि गेहूं खरीदा गया पर पोर्टल पर दर्ज नहीं हुआ है इससे भुगतान अटका है। इससे नाराज किसानों ने एनएच 86 पर जाम लगा दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतारें लग गई किसान अपनी मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे। एक घंटा बाद प्रशासन ने किसानों को समझाकर जाम खुलवा दिया लेकिन किसानों की समस्या का निराकरण नही हुआ। किसानों ने बताया कि खरीदा गया गेहूं पानी में सड़ गया है। इसी मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने विधायक के नेतृत्व में तहसीलदार को ज्ञापन दिया था। किसानों ने कहा कि हर बार उसे छला जा रहा है। किसानों की समस्या पर शाहगढ़ तहसीलदार विनीता जैन का कहना है किसानों की संख्या एवं गेहूं की मात्रा की जानकारी जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। गेहूं दर्ज को लेकर तकनीकी कारण बताया गया है।
बाहर से व्यापारी भी नहीं आ रहे खरीदने थोक में 3 रुपए किलो बिक रही है भिंडी
देवरी कला. लॉक डाउन के चलते सबसे अधिक नुकसान उन किसानों को उठाना पड़ रहा है जिन्होंने सब्जी भाजी की फसल लगाई थी।
हर साल भिंडी की फसल में अच्छे उत्पादन के साथ जोरदार मुनाफा कमाने वाले किसान इस बार रो रहे हैं। थोक में दो और तीन रुपए किलो भिंडी बिक रही है। वह भी देर से मंडी पहुंचने वाले किसानों को माटी मोल बेचना पड़ती है। मंडियों में विभिन्न क्षेत्रों और नगरों से आने वाले व्यापारी खरीदारी के लिए नहीं आ रहे हैं। इस बार सब्जी की फसलों में उनकी लागत और मेहनत दोनों डूब गई है वह घाटे में सब्जी बेचने को मजबूर हैं। ग्राम खमरा के किसान किसान रमेश सिंह ने बताया कि 2 एकड़ में भिंडी की फसल लगाई है निराई गुड़ाई और खाद पानी की मेहनत के बाद उन्होंने अभी तक दो हजार भी नहीं कमा पाए हैं। जबकि २० हजार से ज्यादा की लागत लग चुकी है।