
selfie with police
सागर. जिले में लगभग 35 कॉलेज। प्राइमरी से लेकर हायर सेकंडरी तक ३ हजार स्कूल और डेढ़ लाख छात्राएं...। ये शोहदों के आतंक से परेशान हैं। प्रताडि़त हैं। बाल मन पर कहीं छींटाकशी भारी है तो कहीं छेड़छाड़ का दंश। यह हम नहीं कह रहे...ये मामला उठा है पुलिस द्वारा जिलेभर के स्कूल-कॉलेजों में चलाए जा रहे अभियान में। छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जागरूक करने जहां-जहां पुलिस अफसर पहुंच रहे हैं, वहां छात्राएं छेड़छाड़ की व्यथा सुनाते हुए अपनी भड़ास निकाल रही हैं। मंगलवार को गल्र्स डिग्री कॉलेज की एक हजार से ज्यादा छात्राएं पुलिस संवाद में शामिल हुईं और इनमें से कई ने अपनी आपबीती से अफसरों को अवगत कराया। उधर, अंचल में भी पुलिस संवाद में स्कूल-कॉलेज की छात्राओं के तेवर बदले नजर आए। किसी बेटी ने झिझक तोड़ते हुए व्यवस्था पर प्रहार किया तो कोई समाज में छेड़छाड़ जैसी शर्मनाक वारदातों पर सख्ती न बरती जाने पर सवाल खड़े करते नजर आई। जिनका जवाब देने में अधिकारी भी असहज नजर आए।
छात्रा ने फोन लगाया, तुरंत पहुंची डायल-100
इधर, इस अवसर पर एसपी ने छात्राओं से कहा आप १०० नंबर पर डायल कीजिए और देखिए पुलिस कितने समय में कॉलेज आती है। एक छात्रा ने नंबर डायल किया, बकोली चौराहे से चंद मिनटों में ही एफआरवी टीम सायरन बजाते वहां पहुंच गई। इसके बाद एक अन्य छात्रा के नंबर लगाने पर एफआरवी दोबारा वहां पहुंच गई।
बराबरी का हक फिर क्यों डर
आईजी सतीश सक्सेना ने डिग्री कॉलेज में छात्राओं से चर्चा करते हुए कहा छेड़छाड़ जैसी वारदात तब होती है जब आप उसे सहन करते हैं। छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं, आप सक्षम हो, घबराती क्यों हो। डीआईजी आरके जैन ने कहा पुलिस में ३३ फीसदी जगह महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। डीएसपी स्तर तक अधिकारी बनने के रास्ते आपके लिए खुले हैं। एसपी सत्येन्द्र शुक्ल ने संवाद के दौरान छात्राओं को पुलिस व्यवस्था के बारे में बताया। महिला थाना प्रभारी निरीक्षक उमा नवल आर्य ने उन्हें महिला हेल्प लाइन, निर्भया मोबाइल, शक्ति मोबाइल जबकि टीआई बीएम द्विवेदी व संजय सिंह सोनी ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन से पुलिस की मदद हासिल करने के तरीके बताए। एसआई आरकेएस चौहान ने डायल-१०० सेवा, कॉलेज प्राचार्य एके पटेरिया ने छात्राओं से आत्मरक्षा के लिए मजबूत बनने का आह्वान किया। आयोजन के अंत में कई छात्राओं ने महिला पुलिस अफसर के साथ सेल्फी भी ली।
कॉलेज के सामने बना लिया बस-ऑटो स्टॉप
डिग्री कॉलेज की छात्राएं जब अपनी परेशानी बता रही थीं तभी गेस्ट फैकल्टी हेमलता कोरी ने सामूहिक समस्या जाहिर की। उन्होंने कहा कॉलेज के सामने दिनभर बस-ऑटो स्टॉप जैसा माहौल रहता है। जब जहां मन होता है बस और ऑटो रिक्शे खड़े हो जाते हैं। एसपी शुक्ल ने इस पर ट्रैफिक डीएसपी संजय खरे को सख्ती के निर्देश दिए।
स्टेशन पर वर्दी वाले मांगते हैं मोबाइल नंबर
नरयावली से ट्रेन से कॉलेज आने वाली बबीता यादव ने कहा सर, सबकी सुरक्षा पुलिस के कांधों पर है लेकिन जब हम स्टेशन पर आते हैं तो वहां ड्यूटी करने वाले वर्दीधारी ही हमसे बात करने की कोशिश करते हैं तो कोई मोबाइल नंबर मांगता है। एसपी ने एेसा करने वालों के फोटो खींचने जिसमें नाम और नंबर दिखे भेजने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
Published on:
15 Nov 2017 07:26 pm
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