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झील की सफाई में लापरवाही, स्मार्ट सिटी के दो इंजीनियर का कटेगा वेतन

झील की सफाई व पौधरोपण कार्य में लापरवाही बरतने पर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्मार्ट सिटी के दो इंजीनियर का 10-10 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
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सागर

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Rizwan ansari

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Updated: 28 Jul 2024, 5:44 PM IST

निगमायुकत ने तालाब का निरीक्षण किया

निगमायुकत ने तालाब का निरीक्षण किया

तालाब से जलकुंभी हटाने और पौधरोपण कार्य में बरती लापरवाही

सागर. झील की सफाई व पौधरोपण कार्य में लापरवाही बरतने पर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्मार्ट सिटी के दो इंजीनियर का 10-10 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। शनिवार सुबह निगमायुक्त खत्री ने तालाब का निरीक्षण किया और उन्होंने कि झील में शेष बची जलकुंभी को शीघ्र बाहर करने श्रमिकों और नाव की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। झील की सफाई, जलकुंभी निकालने और तालाब किनारे के पाथवे पर पौधरोपण कार्य में लापरवाही दिखी, जिसके बाद स्मार्ट सिटी के इंजीनियर राघव शर्मा और गुलशन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। तीन मढिय़ा के पास झील के घाट पर कुछ लोग कपड़ा धोते मिले। किनारों पर मछली पकडऩे वाले भी दिखे। निगमायुक्त ने उनको कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
एक बार में पूरी नहीं निकालतेतालाब के आसपास के दुकानदारों और लोगों की मानें तो झील में जलकुम्भी निकालने का कार्य वर्षों से चल रहा है। लाखों रुपए इसमें खर्च हो चुके हैं, फिर भी तालाब से जलकुंभी नहीं हटाई जा सकी है। इसमें सबसे बड़ा कारण यह भी है कि कर्मचारी जलकुंभी के बड़े-बड़े पौधे तालाब से निकाल लेते हैं, लेकिन छोटे पौधे तालाब में ही बने रहते हैं जो कि फिर से बड़े हो जाते हैं और तालाब में जलकुंभी की समस्या बनी रहती है।