
फाइल फोटो
बीना. पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बीपीसीएल लगातार कार्य कर रही हैं और इसी क्रम में रिफाइनरी परिसर में प्रतिदिन 15 टन क्षमता वाला सीबीजी (कंप्रेस्टड बायोगैस) का प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री ने देश के अन्य प्लांटों के साथ बीना में लगने वाले प्लांट का बुधवार को वर्चुअली भूमिपूजन किया गया।
जानकारी के अनुसार यहां लगने वाले सीबीजी प्लांट में हर दिन 115 टन धान के भूसा से 15 टन प्रतिदिन कंप्रेस्ड बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसके बनाने में पर्यावरण प्रदूषित नहीं होगा। यह क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी सौगात है, जिसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार मिलेगा। इसके अलावा प्लांट से निकलने वाले भूसा के अवशेष से जैविक खाद तैयार होगा। कंप्रेस्ड बायोगैस गोबर सहित अन्य सामग्री से भी तैयार होती है, लेकिन यहां का प्लांट धान के भूसा लिए चुना गया है।
किसानों को होगा लाभ
इस प्लांट के लगने से अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को लाभ मिलेगा, जिसमें किसान भी शामिल हैं। धान की खेती करने वाले किसानों का भूसा खरीदा जाएगा और खरीफ में धान का रकबा भी बढ़ेगा। साथ ही आसपास से भी लोग धान का भूसा खरीदकर लाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार मिलेगा।
हानिकारक गैसों को बायोगैस में कर देते हैं तब्दील
जानकारी के अनुसार कचरे से मीथेन सीधे वातावरण में चली जाती है और इसे सीबीजी प्लांट के माध्यम से इसे ऊर्जा में बदला जाता है, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा।
Published on:
03 Oct 2024 12:44 pm

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