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MP की central university में होगी हर्बल खेती, कंपनियों को बेच मुनाफे से करेंगे university का development

पैरामेडिकल कोर्स भी होगा शुरू, डॉ. सर गौर के सपनों के विवि की प्रतिष्ठा के लिए प्राथमिकताएं तय, चांसलर ने दी जानकारी
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सागर

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Sanjay Sharma

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Updated: 16 Nov 2017, 2:13 AM IST

sagar university chancellor

sagar university chancellor

सागर. मैं जब से आया हूं, यहां सर गौर का पॉजिटिव वाइब्रेशन महसूस कर रहा हूं। यह विश्वविद्यालय सर गौर के सपनों का विवि है, जिसके लिए उन्होंने सर्वस्व दान कर दिया। मैं पेनसिल्वेनिया सहित कई देशों के विश्वविद्यालयों में रहा हूं लेकिन यहां अलग ही माहौल है। सागर विश्वविद्यालय को प्रादेशिक से वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हमने सात प्राथमिकताएं तय की हैं। जल्द ही विवि में नए विभाग और कोर्स शुरू करेंगे। हमारा प्रयास होगा की विवि को इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस के रूप में पहचाना जाए।

बुधवार को चांसलर बलवंतराय शांतिलाल जानी ने विवि के लिए नई कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए यह बात कही। चांसलर ने अपनी प्राथमिकताआें का उल्लेख करते हुए कहा सागर में विवि के कॉलेज नहीं हैं इसलिए हम कांस्टीट्यूट कॉलेज की स्थापना करेंगे। इसके लिए सरकार और अधिकारियों से चर्चा की जाएगी ताकि लोग ये कह सकें हम सागर विश्वविद्यालय के छात्र हैं। विवि जल्द ही पैरामेडिकल कोर्स की शुरुआत करेगा साथ ही समाज शास्त्र, अपराध शास्त्र, प्राचीन इतिहास, पत्रकारिता व परफार्मिंग आर्ट, ईएमआरसी व संस्कृत विषयों को समृद्ध बनाएंगे।

औषधियां बेचकर विवि का करेगे विकास
कंेद्रीय विवि में हर्बल मेडिसिन प्लांट की जानकारी भी चांसलर द्वारा दी गई। उन्होंने बताया आयुर्वेदिक दवाओं की बड़ी मांग है। एेसे में हम विवि में औषधियों का उत्पादन करेंगे और शुद्ध औषधि बड़ी कंपनियों को उपलब्ध कराएंगे जिससे जो धन मिलेगा उससे विवि का विकास करेंगे। इस दौरान कुलपति प्रो.तिवारी ने बताया विवि ने पांच साल में ३ पेटेंट कराए हैं जबकि ३ अभी प्रक्रिया में है।

मटेरियल साइंस-मौसम विज्ञान विभाग बनेगा
विश्वविद्यालय में जल्द ही नए कोर्स शुरू करने जा रहे हैं ताकि स्थानीय विद्यार्थियों के साथ विदेशों से छात्र सागर आकर पढ़ सकें। विवि में मटेरियल साइंस, मौसम विज्ञान शुरू करेंगे। प्रादेशिक व क्षेत्रीय संस्कृति, मुहावरों, कहावतों का उपयोग क्षेत्रीय व लघु अखबारों में होता है इसके लिए डॉयसपोरा न्यूज पेपर प्रकाशन के लिए काम करेंगे और मेनू स्क्रिपटोलॉजी जैसे नये कोर्स शुरू कर प्रत्येक विषय व विभाग को समृद्ध करेंगे।

विवि इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस की दौड़ में
चांसलर ने बताया कि विवि जल्द ही इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सीलेंस के रूप में पहचाना जाए, इसके लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कुलपति प्रो.आरपी तिवारी के प्रयासों की सराहना कर बताया कि एक्सीलेंस का दर्जा देने के सरकार के पैरामीटर पर सागर विवि 750 विवि में से चयनित 50 में शामिल है। इनमें से 10 का चयन होना है, जिसके लिए हमारा दावा जारी है।
स्थापना दिवस को भव्यता से मनाएंगे
18 जुलाई वह दिन है जब सर गौर का सपना साकार हुआ था। इसलिए इस दिन को वृहद समारोह के रूप में मनाएंगे, ताकि पूरे विश्व में डॉ. गौर व सागर विवि की प्रतिष्ठा का संदेश पहुंचे। हम एेसा कार्यक्रम, एेसा वक्तव्य, एेसी प्रतिभा को बुलाएंगे कि देश भर को पता लगे।