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जागरूक समाज – पर्यावरण की रक्षा के लिए इस गांव के लोग ऐसे मनाएंगे होली

परिस्थिति के अनुसार बदला त्योहार का रूप,वृक्षों को बचाने के लिए बंद की लकडिय़ां जलाना, अब कंडों से करते हैं होलिका दहन

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Holi festival new look

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देवरीकलां. हरे भरे वृक्षों को बचाने और पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य ग्रामपंचायत डोंगर सलैया के ग्राम वासियों ने कंडों की होली जलाने का संकल्प लिया है। ग्राम पंचायत के नेतृत्व में अन्य गांवों में कंडों की होली जलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
मंगलवार को ग्राम डोंगर सलैया में श्याम सुंदर पटेल के निवास पर होली दहन समिति की बैठक हुई जहां ग्राम वासियों ने अपने हाथों में कंडों लेकर संकल्प लिया कि वह इस बरस कंडों की होली जलाएं और होलिका दहन में हरी लकड़ी का उपयोग नहीं करेंगे। इस दौरान घर घर से 2.2 कंडे संग्रहण करने में गांव के बच्चे भी जुट गए हैं।
सरपंच अजय सिंह ने बताया कि वैसे ग्राम में जलाऊ लकड़ी की समस्या बन गई है इसलिए पिछले कुछ सालों से यहां कंडों की ही होली जलाई जाती है। यहां के लोग पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक हो गए हैं यही वजह है कि इस वर्ष गांव में कंडो की होली जलाई जाएगी।
गांव के बुजुर्ग श्याम पटेल का कहना है पहले इस गांव में करीब 15 फीट ऊंची लकड़ी की होली जलती थी लेकिन लकड़ी का अभाव होने के कारण गांव में अब कंडों की होली जलाने की परंपरा शुरू हो गई है और लोग भी समझने लगे हैं कि लकड़ी से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसलिए इस बार सभी ने संकल्प लिया है कि होलिका दहन में घर घर से कंडे एकत्रित करके होलिका दहन कडों से की जाएगी।
यह संकल्प लेने वालों में बाबूलाल पटेल, मि_ू ठाकुर, गोलू कुर्मी, सुरेंद्र दीपक, रोहितए शिवम सेन गांव के बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।