
driving licence suspended
सागर. ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ जारी अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़े गए २७६ से ज्यादा वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए पुलिस ने आरटीओ को प्रस्ताव भेज दिया है। कार्रवाई के दौरान कोतवाली थाना पुलिस ने सबसे ज्यादा मुस्तैदी दिखाई है वहीं गृहमंत्री का निवास क्षेत्र और तीन हाईवे पर स्थित बहेरिया थाने में अभियान के दौरान बीस दिन में केवल 6 मामले ही दर्ज किए गए हैं। लाइसेंसधारियों के खिलाफ कोर्ट चालान व मेडिकल जांच की कार्रवाई के बाद अब लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की तैयारी है।
पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल के आदेश पर जिले भर में चलाए गए अभियान के दौरान बड़ी संख्या में वाहन चालक नशे में वाहन चलाते पकड़े जा रहे हैं। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बाद भी लोग शराब के नशे में वाहन चलाने की आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि थाना स्तर पर चैकिंग के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले युवक रास्ता बदलकर गुजरने लगते हैं।
केंट-कोतवाली पुलिस अव्वल
जिले में शराबी वाहन चालकों की नकेल कसने के लिए दिसम्बर माह में अभियान की शुरूआत से अब तक कोतवाली और केंट थाना अव्वल रहा है। वहीं मोतीनगर और गोपालगंज थाने ने भी एसपी के आदेश पर तत्परता दिखाई है। इस दौरान बीस दिनों में कोतवाली पुलिस ने ६४ व केंट थाने में ५९ और मोतीनगर में ५७ मामले कायम कर कोर्ट चालान कराते हुए लाइसेंस निलंबन के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
बहेरिया थाने में नहीं आदेश पर अमल
लगातार हो रहे हादसे और विवादों की स्थिति को देखते हुए एसपी ने ड्रंक एंड ड्राइविंग के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए ५ नवम्बर से जिले भर में अभियान के आदेश दिए थे। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए एसपी शुक्ल ने स्वयं अभियान की मॉनीटरिंग अपने हाथ में ली थी लेकिन इसके बावजूद शहर की सीमा पर स्थित बहेरिया थाने में आदेश की अनदेखी की गई। थाना क्षेत्र में हाईवे पर सबसे ज्यादा हादसे व ढाबों से शराब बिकने की शिकायत के बावजूद वाहनों की जांच नहीं की। अभियान के तहत थाने में केवल ६ कार्रवाई की गईं। यह आंकड़ा एसपी के आदेश पर थाने की गंभीरता को उजागर कर रहा है।
Published on:
24 Nov 2017, 1:10 PM IST
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