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हिमा दास ने दिलाया भारत को गोल्ड,खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर

हिमा दास ने दिलाया भारत को गोल्ड, खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर

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सागर

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Samved Jain

Jul 13, 2018

हिमा दास ने दिलाया भारत को गोल्ड,खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर

हिमा दास ने दिलाया भारत को गोल्ड,खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर

सागर. फिनलैंड के टेम्पेरे में जारी आईएएफ वल्र्ड अंडर-२० चैम्पियनशिप २०१८ में वुमेन ४०० मीटर दौड़ स्पर्धा में भारत की हिमा दास ने स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया है। गोल्ड जीतने के बाद हिमा दास की पूरी दुनिया में तारीफ हो रही है। हर कोई भारत की इस सुपर वुमेन की सराहना में लगा हुआ है। सागर सहित बुंदेलखंड में भी हिमा दास के प्रदर्शन के बाद खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। खेलप्रेमी अलग-अलग अंदाज में हिमा दास का स्वागत कर रहे है। जिन्हें हम विस्तार से जानते है।

वरिष्ठ खिलाड़ी एलके नायक कहते है हिमा तुम आन हो, वान हो भारत की शान हो। बंदूक से निकली हुई गोली की रफ्तार हो तुम। तुम भारत के बुंदल इरादों की पहचान हो। हिमा तुम भारत की शान हो। हिमा दास के इस प्रदर्शन के बाद भारत और भारत के खिलाडिय़ों के इरादे स्पष्ट है। हम किसी के कम नहीं है कि तर्ज पर भारत के खिलाड़ी इसी तरह प्रदर्शन करते रहेंगे और गोल्ड भारत में आता रहेगा। ऐसी शुभकामनाएं है।

खिलाड़ी व कोच रसीद अहमद ने शुक्रवार को कैंप पहुंचे खिलाडिय़ों को प्रैक्टिस के पहले ही हिमा दास को गोल्ड मिलने की खबर बच्चों के बीच शेयर की। साथ ही देश को गोल्ड दिलाने वाली महिला खिलाड़ी को सभी ने सैल्यूट भी दिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को बताया कि यह पहला मौका है जब भारत को आईएएएफ की ट्रैक स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल हुआ है, जिसे हिमा दास ने दिलाया है। हिमा दास के पहले भारत की एक भी महिला खिलाड़ी इस प्लेटफॉर्म पर किसी भी स्तर पर ऐसा प्रदर्शन नहीं कर सकी है।
रसीद अहमद ने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिलती है भारतीय खिलाड़ी गोल्ड के लिए खेलने वाली है। वह टीवी पर टकटकी लगा लेते है। जहां देखते है कि भारत की बेटी हिमा दास राटिना स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 51.46 सेकेंड का समय निकालते हुए जीत हासिल कर देती है। ये वह वक्त था जब हर उस भारतीय के आंख आंसू में थे, जो खेल और भारत के प्रति भावना रखता है।

सबके उड़ा दिए होश, लगाई फर्राटा
जिस फाइनल पर हिमा दास ने ५१.४६ सेकंड का समल निकालते हुए रिकॉर्ड जीत हासिल कर ली है। उसी दौड़ के ३५वें सेकंड तक हिमा दास रेस ेसे बाहर नजर आ रही थी। वह उन शीर्ष खिलाडिय़ों में नजर नहीं आ रही थी, जो आगे दौड़ रहे थे, लेकिन यही वह क्षण था कि हिमा दास ने अपने साहस का परिचय दिया और सबको पछाड़ते हुए विजय हासिल की थी।

कौन है हिमा दास ?
भारत के असम प्रदेश की बेटी हिमा दास एक साधारण परिवार की बेटी है। पिता किसान है। बचपन से ही एथलीट बनने की चाह हिमा की थी, जिसे परिवार का भरपूर सपोर्ट मिला। अपनी मंजिल पाने के लिए वैसे तो हिमा को बहुत से त्याग करने पड़े, लेकिन १२ जुलाई २०१८ का वह स्वर्णिम पल उनके जीवन की नई ऊचाईयों को लेकर आया है। हिमा दास अब गोल्डमेडलिस्ट हिमा दास कहलाएंगी। पूरे भारत को उन पर गर्व है। हिमा दास पर को सोशल मीडिया पर भी बधाईयां देने का सिलसिला जारी है।