
मां ने कहा पहाड़ी पर करो मेरी स्थापना, पहाड़ी पर बने हैं पद चिन्ह
नवरात्र पर होती है आराधना
राहतगढ़. क्षेत्र में मां ज्वाला देवी का प्राचीन मंदिर जहां नाग देवता भी दर्शन को जाते हैं। यह मंदिर सागर से राहतगढ़ रोड पर ग्राम बेरखेड़ी से लगभग ३ किमी और राहतगढ़ से करीब 13 किलोमीटर ग्राम टेहरा टेहरी के घने जंगलों की ऊंची पहाड़ी पर है। मंदिर के पुजारी मुरारी दास ने बताया कि जब वे रमझिरिया के पास शिव मंदिर से माता के यहां पूजा करने पहुंचते हैं तो उनके पूजा के थैले में एक नाग निकलते हैं और मंदिर में घूम फिर कर वापस लोप हो जाते हैं। यह घटना कई बार हो चुकी है। बहुत से लोगों नेे दर्शन किए हैं लेकिन वह नाग देवता किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते। गांव के रहवासी सौरभ शुक्ला ने बताया कि यह मंदिर करीब 200 वर्षो से भी अधिक पुराना है मां ज्वाला देवी जी ने गांव वालों स्वप्न देकर कहा कि मैं जालंधर से यहां आ गई हूं, प्रमाण के लिए पहाड़ के नीचे पड़े पत्थर पर हमारे पैरों के निशान देख सकते हो। जब ग्रामवासी वहां पर पहुंचे तो माता के पैरों के निशान पाए गए। उसके बाद देवी जी की स्थापना पहाड़ी पर हो गई। गांव की बसाहट पहले पहाड़ पर हुआ करती थी धीरे.धीरे ग्रामीणों ने अपना निवास गांव के नीचे बना लिया। करीब 50 वर्ष पूर्व सौरभ शुक्ला की बुआ ने मंदिर का निर्माण करवाया था क्योंकि उनकी लड़की को माता निकली हुई थी और उन्होंने कहा कि आप शांत हो जाएं तो मंदिर का निर्माण करवाऊंगी। बद्री प्रसाद राजपूत ने बताया कि देवी के परम भक्त अमर सिंह रावत पंडा देवी जी को इतना मानते थे कि उनकी प्रत्यक्ष रूप से बात होती थी। उनके देहावसान के बाद पंडा का बही पर चबूतरा बना दिया गया है पंडा को देवी की बहुत कृपा बनी हुई थी आज गांव में पंडा की तीसरी पीढ़ी निवास कर रही है। दोनो नवरात्रि में धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
पद यात्रा कर रानगिर पहुंचे भक्त
रहली. मां शक्ति की आराधना का पर्व शारदेय नवरात्रि हिन्दू वर्ष में भक्ति रस के साथ मनाया जाता है। रहली के समीप सिद्ध धाम टिकीटोरिया और रानगिर है जहां विराजित मां. सिंहवाहिनी और मातां हरसिद्धि के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग पैदल चलकर आते हैं। रहली से प्रतिवर्ष पैदल यात्रा करने वाले अरविंद तिवारी, लोकेश पुराणी, घनश्याम दुबे, सुनील चौरसिया ने बताया कि इस वर्ष 500 लोगों का जत्था रानगिर के लिए रवाना हुआ है। जो बडगान पाटई होते हुये हनुमान गढी मां के जयकारे लगाते हुए रानगिर पहुंचा। इस बार भक्तों पर बारिश का असर भी दिखा।
Published on:
01 Oct 2019 04:07 pm
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