
कलियुग की सति : मां की ममता भूलकर पति की मृत्यु पर साथ त्याग दिए प्राण, जमाने ने दिया ये नाम
सागर. कलियुग की सति। पति की मौत से दुखी होकर उसकी पत्नि द्वारा की गई आत्महत्या के बाद लोगों ने उसे यह नाम दिया है। जमाने ने उस महिला को यह नाम तब दिया जब वह अपने बच्चों के भविष्य की चिंता किए बगैर आत्महत्या कर लेती है। मां की ममता को भूलकर पति की मृत्यु पर साथ प्राण तज देती है। सतिप्रथा भले ही देश में पूरी तरह बंद हो चुकी हो, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जहां पति की मृत्यु के तुरंत बाद पत्नियां भी मौत को गले लगाने का प्रयास करती हैं। कुछ मामलों में उनकी मृत्यु हो जाती है तो अधिकांश मामलों में ऐसी महिलाओं को बचा लिया जाता है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या मां की ममता को भूलकर ऐसे आत्महत्या करना सही है?
ऐसा ही एक मामला इन दिनों बुंदेलखंड क्षेत्र के छतरपुर जिले के नौगांव की ग्राम बिलहारी में एक सामने आया है। जहां एक पत्नी ने अपने पति की मौत के पांच मिनट बाद मौत को गले लगा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे भी हुए लेकिन कुछ समय बाद पति को बीमार हो गया और आर्थिक तंगी के चलते वह अपना इलाज सही से नहीं करा पाया। जिसके चलते उसकी घर पर ही मौत हो गई।
जैसे ही पत्नी ने अपने पति को मृत देखा कि अब वह इस दुनिया मे नहीं रहा। उस समय पूरा परिवार शोक में डूबा था। पति की मौत का सदमा इतना गहरा था कि पति की मौत के ठीक पांच मिनट बाद पत्नी ने डाई का सेवन कर लिया। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया लेकिन उसी दौरान उसकी भी मौत हो गयी। दंपति के तीन मासूमों के सिर से माता पिता दोनों साया हमेशा के लिए उठ गया।
जानकारी के अनुसार नगर से लगे हुए ग्राम बिलहरी में रहने वाले छोटेलाल बरार के 26 वर्ष के पुत्र परमलाल बरार की कैंसर की बीमारी के चलते मौत हो गई। जिसकी खबर जैसे ही उसकी पत्नी सुमन को लगी तो उसने हेयर डाई पी ली। जिससे उसकी हालत बिगडऩे लगी। परिजनों द्वारा उसको सामुदायिक स्वास्थ केंद्र लाया गया। जहां पर डाक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से उसको ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। जिसको ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों के हवाले किया। जिसके बाद परिजनों ने दोनों पति पत्नी का एक ही समय पर अंतिम संस्कार किया। गौरतलब है की बिलहरी निवासी छोटेलाल बरार के पुत्र परमलाल की शादी उप्र के ठुठ गांव में सुमन के साथ लगभग 10 वर्ष पहले हुई थी। जिनके तीन बच्चें भी हैं। जिनमें बड़ा बेटा देव (8), पुत्री अंजली (6), ऋतिक (2) वर्ष है। ग्राम बिलहरी में हुई इस घटना से हर कोई गमगीन है। गांव में मातम पसरा रहे। परिजनों का रो-रोकर बुला हाल है। हर कोई परिजनों का ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
Published on:
18 Aug 2018 02:18 pm
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