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हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को मंत्री ने दिया भगवान का वास्ता, ये हुआ असर

सरकार की मंशा किसी को बेरोजगार करने की नहीं है।

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Minister for the job of minister for youth

Minister for the job of minister for youth

सागर. आप सभी लोग 10 साल से संविदा पर काम कर रहे हैं। निश्चित ही नियमितीकरण के पात्र हो। नौकरी में स्थाई होने का भाव होता है। आपकी नौकरी में भी स्थिरता होनी चाहिए, जिससे भविष्य की चिंता दूर हो सके। सरकार की मंशा किसी को बेरोजगार करने की नहीं है। सरकार आपकी भी चिंता कर रही है। सभी विभागों के प्रमुखों से चर्चा कर आपकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाऊंगा और इसी माह के अंत तक ठोस निर्णय लिया जाएगा।
यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने शनिवार को पीलीकोठी पर हड़ताली पंचायतकर्मियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मैं हड़ताल खत्म करने के लिए आपको बाध्य नहीं करूंगा। नवरात्रि का पर्व है देवीजी का पूजन करो, आपको सफलता जरूर मिलेगी।
नियमितिकरण और निष्काषित कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर पीली कोठी के समीप बीते दस दिनों से पंचायत विभाग के संविदाकर्मी धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार की शाम मंत्री भार्गव हड़ताली कर्मचारियों से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान मंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए उदय गौतम ने कहा कि सतना जिले में अधिकारियों के द्वारा संविदाकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस बात पर मंत्री ने कहा कि अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई न करने के निर्देश दे दिए गए हैं, आगे से एेसा नहीं होगा। इस अवसर पर विदिशा जिले में पदस्थ जिला ग्रामीण रोजगार ? गारंटी अधिकारी आरपी राय, जिला संयोजक प्रद्युम्न छिरोलिया, मनीष मिश्रा, आलोक मिश्रा, अनामिका शर्मा, लक्ष्मी चौधरी, राजू कोरी, मनीष सोनी मौजूद थे।
मीटर रीडर्स की हड़ताल जारी
सागर. पावर हाऊस के बाहर टेंट लगाकर बीते चार दिन से धरने पर बैठे मीटर रीडर्स की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। मीटर वाचक व आऊट सोर्स कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे बीते १७ साल से काम कर रहे हैं और ठेकेदार और बिजली कंपनी के अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। इसी कारण कर्मचारियों की यह हड़ताल ठेका प्रथा बंद कर नियमितीकरण को
लेकर की जा रही है।
खुद को रस्सियों से जकड़कर बताया शोषित
सागर. संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल शनिवार को 34वें दिन भी जारी रही। इस दौरान महिला संविदाकर्मियों ने खुद को रस्सियों में जकड़कर शोषित बताया और नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शन प्रदेश के मुख्यमंत्री को संदेश देने के लिए किया गया है। इससे यह दर्शाया गया है कि जिस राज्य में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात की जा रही है, उसी राज्य में संविदा स्वास्थ्य महिलाकर्मी बेडि़यों में जकड़कर रखी गई हैं और उनक शोषण हो रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष अमिताभ चौबे ने कहा कि यह महिलाओं के शोषण का सजीव चित्रण है। संविदा कर्मचारियों को शारीरिक व मानसिक शोषण सहन करना पड़ रहा है। इस अवसर पर संघ के जिलाध्यक्ष अनुज सैनी, डॉ.सुशील सागर, राजेश श्रीवास्तव, महेन्द्र चंदेल, अनुपम बोहरे भी मौजूद थे।