1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्कूल के साथ मस्जिद, इबादतगाह, वुजूखाना मिला, बिना अनुमति चल रहा था छात्रावास

मप्र बाल संरक्षण आयोग के निरीक्षण में सामने आया सच, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पता ही नहीं सागर. जिले के परसोरिया क्षेत्र में संचालित मौलाना आजाद मिडिल स्कूल में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। परिसर में स्कूल के साथ मस्जिद, इबादतगाह व वुजूखाना मिला है। यहां पर बिना अनुमति के छात्रावास संचालित हो रहा […]

2 min read
Google source verification

सागर

image

Nitin Sadaphal

Aug 10, 2024

स्कूल के पास मस्जिद

स्कूल के पास मस्जिद

मप्र बाल संरक्षण आयोग के निरीक्षण में सामने आया सच, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पता ही नहीं

सागर. जिले के परसोरिया क्षेत्र में संचालित मौलाना आजाद मिडिल स्कूल में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। परिसर में स्कूल के साथ मस्जिद, इबादतगाह व वुजूखाना मिला है। यहां पर बिना अनुमति के छात्रावास संचालित हो रहा है। संस्था की इन अवैध गतिविधियों का खुलासा मप्र बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह व उनकी टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में हुआ है। टीम की पूछताछ में बच्चों ने बताया कि करीब एक माह पहले तक संस्था में शुक्रवार को स्कूल और मदरसा की छुट्टी रहती थी। अब स्कूल की छुट्टी रविवार को और मदरसा की छुट्टी शुक्रवार को होने लगी है। सिंह के अनुसार संस्था में रहने वाले बच्चों की जो खाने की सूची है वह भी मांसाहारी है। इतना ही नहीं आयोग इसे प्रदेश का सबसे बड़ा अवैध मदरसा बता रहा हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस सबकी जानकारी ही नहीं थी।

दूसरे जिलों के 90 फीसदी बच्चे

शासन से संस्था को गैर आवासी स्कूल की अनुमति है, लेकिन यहां पर छात्रावास संचालित हो रहा है। आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि स्कूल में करीब 365 बच्चे मिले, जिसमें 90 फीसदी बच्चे प्रदेश के अन्य जिलों के हैं। केवल 10 प्रतिशत बच्चे ही स्थानीय है। वह सभी भी मुस्लिम समुदाय के ही हैं। संस्था स्थानीय बच्चों को प्रवेश नहीं देता है। कुछ ऐसे बच्चे भी मिले हैं, जिनका मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में नाम होना चाहिए, लेकिन नहीं है। ऐसे बच्चों की सूची भी निकाली है।

8वीं तक की मान्यता, बच्चे 9वीं-10वीं के मिले

संस्था के पास एमपी बोर्ड से 8वीं तक स्कूल संचालित करने की मान्यता है, लेकिन आयोग की टीम के निरीक्षण में यहां 9वीं व 10वीं के बच्चे भी मिले हैं। छात्रावास में इबादतखाना है। इसके साथ ही जहां बच्चे खाना खाते हैं और पढ़ते हैं वहां पर मस्जिद है। स्कूल का ड्रेस कोड भी कुर्ता, पायजामा और जाली दार टोपी है, कुछ बच्चे पगड़ी भी लगाए हुए मिले। सुबह से ही मदरसा की पढ़ाई कराई जाती है। यहां वुजूखाना भी बना हुआ है।

कई भवनों का निर्माण चल रहा

परसोरिया में संचालित हो रही इस स्कूल के आसपास संस्था की करीब 22 एकड़ जमीन बताई जा रही है। जहां पर भवनों का निर्माण चल रहा है। आयोग की जांच में सामने आया है कि स्कूल का संचालन जामिया इस्लामिया इशाअतुल उलूम इंडिया द्वारा किया जाता है। इसके लिए फंडिंग करने वाली संस्था कोई और है।

यहां भी किया निरीक्षण

मप्र बाल संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने परसोरिया स्थित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास और शासकीय हाई स्कूल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधि सह परिवीक्षा अधिकारी आशीष उपाध्याय, सहायक संचालक शिक्षा विभाग डॉ. रेणु परस्ते, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मनोज तिवारी, परियोजना अधिकारी ग्रामीण स्वाति जैन, डीपीसी गिरीश मिश्रा, बीआरसी अनिरुद्ध डिम्हा, बीएसी राघवेंद्र सिंह राजपूत, संकुल प्राचार्य जीपी सक्सेना, बाल कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश शुक्ला सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

Story Loader