
अरोपियों को जेल ले जाती हुई पुलिस
बीना. फर्जी तरीके से भूमि का विक्रय करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार कुंदू ने सात आरोपियों को दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कारवास की सजा सुनाते हुए अर्थदंड लगाया है।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक आशीष कुमार राठौर ने बताया कि ग्राम हिरनछिपा में बीना-खुरई रोड स्थित लक्ष्मीबाई की बेशकीमती जमीन को आरोपी सूर्यकांत तिवारी देवल, उम्मेद कुशवाहा, रोहित नायक निवासी बुखारा, प्रीतम पटेल गुराडिया, फेरन सिंह यादव सलईखेड़ी, ललिताबाई विश्वकर्मा दुर्गा कॉलोनी विदिशा और माखन निवासी शास्त्री वार्ड ने अनिल दुबे, वरूण दुबे और राकेश हजारी को फर्जी तरीके से भूमि बेची थी। आरोपियों ने ललिताबाई को लक्ष्मीबाई के रूप उप पंजीयक कार्यालय में पेश कर विक्रय पत्र निष्पादित कराया था। इसके बाद भूमि स्वामी लक्ष्मीबाई जब अपनी भूमि पर पहुंची, तो खरीदारों ने बताया कि लक्ष्मीबाई से उन्होंने जमीन खरीदी है। लक्ष्मीबाई ने बताया कि भूमि उनकी है और उन्होंने इसका विक्रय नहीं किया है। इसके बाद चारों फरियादियों ने न्यायालय में आरोपियों के विरूद्ध परिवाद प्रस्तुत किया था। न्यायालय के आदेश पर 9 जनवरी 2015 को दस आरोपियों के खिलाफ धारा 419/120 बी, 420/120 बी, 465/120 बी, 467/120 बी, 468/120 बी, 471/120 बी के तहत मामला दर्ज कर विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय ने अभियोजन के तर्क से सहमत होकर सात आरोपियों को धारा 467/120बी, 468/120बी, 471/120 बी में 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास और दो-दो हजार रुपए अर्थदंड लगाते हुए सभी को जेल भेजने का ओदश दिया। इस मामले में दो आरोपियों की मौत हो चुकी है और एक की हाइकोर्ट से कार्रवाई समाप्त कर दी गई है।
Published on:
01 Feb 2026 11:48 am
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