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खामियां नजर नहीं आईं: निजी स्कूलों में चाय-नास्ता कर लौटे अफसर, कार्यवाही किसी पर नहीं

30 जून तक स्कूलों में 24 बिंदुओं पर करनी थी जांच, कलेक्टर ने मंगाया था प्रतिवेदन सागर ब्लॉक में है 280 स्कूल, केवल 12 स्कूलों की हुई जांच सागर. जिले में निजी स्कूलों की जांच के नाम अफसर केवल चाय-नास्ता करने के लिए पहुंचे। एक माह चले जांच अभियान के बाद एक भी निजी स्कूल […]

सागरJul 05, 2024 / 08:14 pm

नितिन सदाफल

जिले में निजी स्कूलों की जांच के नाम अफसर केवल चाय-नास्ता करने के लिए पहुंचे।

जिले में निजी स्कूलों की जांच के नाम अफसर केवल चाय-नास्ता करने के लिए पहुंचे।

30 जून तक स्कूलों में 24 बिंदुओं पर करनी थी जांच, कलेक्टर ने मंगाया था प्रतिवेदन

सागर ब्लॉक में है 280 स्कूल, केवल 12 स्कूलों की हुई जांच

सागर. जिले में निजी स्कूलों की जांच के नाम अफसर केवल चाय-नास्ता करने के लिए पहुंचे। एक माह चले जांच अभियान के बाद एक भी निजी स्कूल पर कार्यवाही नहीं की गई। जिले में 720 निजी स्कूलों की जांच की जानी थी। जिसमें से केवल 180 स्कूलों की जांच कराई गई है। स्कूलों में फीस, पुस्तक और यूनिफार्म के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है, लेकिन अफसरों को स्कूलों में यह खामियां नजर नहीं आई। जांच के बाद स्कूलों के प्रतिवेदन बनाकर ही कलेक्टर को नहीं सौंपे गए हैं।
जिले में बनाए गए 12 दलों को निजी स्कूल अधिनियम के आधार पर करीब 26 बिंदुओं पर स्कूलों की जांच करनी थी। शासन द्वारा 30 जून तक विशेष अभियान चलाकर निजी स्कूलों की अनियमितताओं को चिन्हांकित करने के लिए कहा था, लेकिन जिले में एक भी स्कूलों को चिन्हित नहीं किया गया। 12 दल करीब 180 स्कूलों में जांच के लिए पहुंचे। वहीं निजी स्कूलों की संख्या 720 है। सागर ब्लॉक में ही 280 स्कूल हैं, जिनमें केवल 12 स्कूलों की जांच हुई है। स्कूलों में जांच करने पहुंचे दलों ने चाय-नास्ता किया। जांच के नाम पर लैब, पुस्तकालय और फीस का रजिस्टर भी देखा। अनियमितताओं को चिन्हित करके जांच की तारीख निकलने के बाद भी प्रतिवेदन नहीं बनाया। प्रतिवेदन मिलने के बाद कलेक्टर को स्कूलों पर कार्यवाही करनी है।
जांच में किए गए थे ये बिंदु शामिल

निरीक्षण के दौरान टीमें स्कूल शुल्क,किताबें, यूनिफार्म, पालक बैठक, खेल सुविधाएं, लैब, परिवहन, सुरक्षा, भवन में जरूरी उपाय, स्टेशनरी, बैग, जूता, टाई, स्कूल फीस में लिए जाने वाले शुल्क और उनके एवज में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली जानी थी। इनके प्रमाणन के लिए दस्तावेज भी देखे जाने थे। कई स्कूलों में अनियमितताएं भी मिली, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ कि ये अनियमितताएं किस स्तर की हैं।
फीस की जानकारी नहीं देने पर लेना था जुर्माना

स्कूलों को फीस की जानकारी अपलोड करने के लिए 8 जून तक का समय था। जानकारी अपलोड नहीं होने पर 24 जून तक तारीख बढ़ाई गई। निर्धारित समय पर जानकारी अपलोड नहीं की गई तो प्रतिवर्ष निर्धारित प्रक्रिया शुल्क के मुताबिक पांच गुना अर्थदंड देना था। इसके लिए विभाग ने अर्थदंड निर्धारित कर दिया है। जिले के स्कूलों ने फीस की जानकारी अपलोड नहीं की। उसके बावजूद स्कूलों से अर्थदंड भी नहीं लिया गया।
जिन स्कूलों की जांच की गई है उनमें अनियमितताएं मिली हैं। जांच करने वाली टीम प्रतिवेदन बना रही है। प्रतिवेदन बनने के बाद जल्द ही कलेक्टर को सौपेंगे।

अरविंद जैन, जिला शिक्षा अधिकारी
इतने स्कूलों की जांच

विकासखंड संख्या

सागर 12

राहतगढ़ 07

जैसीनगर 12

खुरई 16

बीना 18

बंडा 36

शाहगढ़ 35

केसली 17

देवरी 06
मालथौन 08

रहली 13

कुल 180

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