
सागर. आज विश्व ओजोन या 'ओजोन परत संरक्षण दिवस है। ओजोन लेयर पृथ्वी का सुरक्षा कवच माना जाता है। लेकिन पृथ्वी पर बढ़ रहे प्रदूषण के कारण ये लेयर घटती जा रही है। ओजोन लेयर पृथ्वी का सुरक्षा कवच माना जाता है। लेकिन पृथ्वी पर बढ़ रहे प्रदूषण के कारण ये लेयर घटती जा रही है। प्रदूषण को रोकने के लिए शहर में कुछ पर्यावरण प्रेमी संस्थाएं पौधों के रोपण का काम कर रहे हैं। ये पौधों रोपने का काम पर्यावरण प्रेमियों ने वर्षों पहले शुरू किया जो अब फलदार पेड़ बन गए हैं। पत्रिका ने विश्व ओजोन दिवस के मौके पर पर्यावरण के लिए काम कर रहे लोगों से खास बातचीत की।
महिलाएं भी आईं आगे
केशरवानी वैश्य महिला संगठन द्वारा पिछले दो वर्षों से शहर के आस-पास पौधे रोपने का कार्य किया जा रहा है। मंडल द्वारा इस वर्ष भी शहर के एक गार्डन में पौधे रोपे गए और उनके संरक्षित का भी कार्य किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से विनीता केशरवानी, डॉ. वंदना गुप्ता और आशा लता गुप्ता आदि का सहयोह रहा।
जैन मिलन कर रही काम
तपोवन जैन तीर्थ क्षेत्र चनटोरिया में जैन मिलन द्वारा इस वर्ष पौधरोपण किया गया। यह संस्था हर वर्ष पौधरोपण का कार्य कर रही है। अशोक, अमरूद और आम के पौधे संस्था द्वारा लगाए थे। अध्यक्ष राकेश जैन छुल्ला ने बताया कि प्रकृति के संरक्षण के लिए वे ऐसे कार्य करते रहेंगे।
पेड़-पौधों से मिलेगी शुद्ध हवा
घर में लगे पौधे न केवल घर का वातावरण अच्छा बनाए रखते है बल्कि घर को खूबसूरत लुक भी देते हैं। कहते है कि रात के समय अधिकतर पौधे कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते है, जो हमारी सेहत को नुसकान पहुंचाते है। इसी डर की वजह से लोग अपने घर में पौधो को लगाने के बजाएं, घर के बाहर उन्हें लगाना पसंद करते है लेकिन कुछ पौधे ऐसे भी है, जो रात को कार्बनडाई ऑक्साइड के बजाए ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं। ऑक्सीजन हमारी सेहत के साथ-साथ घर का वातावरण भी अच्छा बनाएं रखती है। इससे न केवल हमे शुद्ध हवा मिलती है। एलोबेरा, नागफनी, नीम, क्रिसमस ट्री और ऐरेका प्लम जैसे पौधे रात में भी ऑक्सिजन छोड़ते हैं। जिस पेड़ की पत्तियों का एरिया ज्यादा बड़ा होता है वह अधिक ऑक्सिजन छोड़ता है। इसमें पीपल का पेड़ शामिल है।
कैसे शुरू हुआ ओजोन दिवस
वर्ष 1995 के बाद से हर साल 16 सितम्बर को ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन मुख्यत:ओजोन परत के क्षरण के बारे में लोगों को जागरूक करने और इसे बचाने के बारे में संभव समाधान का खोज करने के लिए मनाया जाता है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करने की स्मृति में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने संकल्प के तहत इस तिथि को चुना था।
क्या है ओजोन लेयर
ओजोन का एक अणु ऑक्सीजन के तीन अणुओं के जुडऩे से बनता है। इसका रंग हल्का नीला होता है और इससे एक विशेष प्रकार की तीव्र गंध आती है। भूतल से लगभग 50 किलोमीटर की ऊंचाई पर वायुमंडल ऑक्सीजन, हीलियम, ओजोन, और हाइड्रोजन गैसों की परतें होती हैं, जिनमें ओजोन परत धरती के लिए एक सुरक्षा कवच का कार्य करती है क्योंकि यह ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैगनी किरणों से धरती पर मानव जीवन की रक्षा करती है। सूरज से आने वाली ये पराबैगनी किरणें मानव शरीर की कोशिकाओं की सहन शक्ति के बाहर होती है।
Updated on:
16 Sept 2019 12:51 pm
Published on:
16 Sept 2019 05:02 am
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