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महिला पंचों की जगह उनके पति और पिता को शपथ दिलाने वाला पंचायत सचिव निलंबित

- निलंबन अवधि में सचिव का मुख्यालय जनपद पंचायत जैसीनगर तय किया

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सागर

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Deepesh Tiwari

Aug 06, 2022

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सागर/जैसीनगर। जैसीनगर ग्राम पंचायत में महिला पंचों की जगह उनके परिजन को शपथ दिलाने के मामले में पंचायत सचिव के विरुद्ध मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्षितिज सिंघल ने सचिव आशाराम साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

चार अगस्त को ग्राम पंचायतों में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए गए थे। इसी दौरान जैसीनगर ग्राम पंचायत में सचिव आशाराम साहू नवनिर्वाचित महिला सरपंच व पंच के स्थान पर उनके पिता, पति, देवर को शपथ दिलाई थी।

सीइओ ने निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जनपद पंचायत जैसीनगर तय किया है।

इधर, शपथ के तीसरे ही दिन घूस ले रहा था सरपंच-
वहीं दूसरी ओर कटनी में एक सरपंच एक लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। मामला कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत के खाम्हा का है।

यहां सरपंच सुशील कुमार पाल को शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सरपंच ने 2 अगस्त को जनता के सामने पंचायत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की शपथ ली थी।

लोकायुक्त की जबलपुर इकाई के डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि खाम्हा के आलोक कुमार की मां ने 8 एकड़ जमीन बेचने सौदा किया था। सरपंच ने आपत्ति लगाकर रजिस्ट्री रुकवाने की धमकी देते हुए चार लाख की मांग की थी।

फरियादी के घर पहुंचा था रिश्वत लेने
सरपंच सुनील पाल के द्वारा 4 लाख रुपए की रिश्वत मांगे जाने के बाद फरियादी आलोक कुमार ने जबलपुर लोकायुक्त में मामले की शिकायत की थी जिसके पर कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त टीम ने सरपंच को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों धरदबोचा। लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि सरपंच सुनील कुमार पाल शुक्रवार को आवेदक आलोक कुमार के घर पर रिश्वत की पहली किश्त 1 लाख रुपए लेने पहुंचा था और वहीं पर उसे रंगेहाथों पकड़ा गया है।

लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि आवेदक ग्राम खाम्हा निवासी आलोक कुमार ने अपनी मां के नाम पर दर्ज आठ एकड़ जमीन बेची थी। यह जमीन ग्राम पंचायत के अधीन होने के कारण गांव के नवनिर्वाचित सरपंच सुशील कुमार पाल ने जमीन बेचे जाने में अड़ंगा न लगाने के एवज में प्रति एकड़ 50 हजार रुपए व आवेदक आलोक के वर्तमान में यूपी में निवासरत होने के कारण बाहरी होने का हवाला देते हुए शासकीय योजना का लाभ न दिलाने का हवाला देकर चार लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। जिसे 4 किश्तों में एक-एक लाख रुपए देना तय हुआ था। पहली किश्त लेते समय ही सरपंच सुशील कुमार को रंगेहाथों पकड़ा गया है।