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पटवारियों ने की गृह जिले में पदस्थापना व 2800 पेग्रेड करने की मांग

मांग पूरी नहीं होने पर सारा एप किया लॉगआउट, क्रमबद्ध तरीके से कर रहे विरोध प्रदर्शन

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पटवारियों ने की गृह जिले में पदस्थापना व 2800 पेग्रेड करने की मांग

Patwaris demanded posting and 2800 pay in home district

बीना. पटवारियों की मांगे पूरी नहीं होने पर उन्होंने क्रमबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार मप्र पटवारी संघ के आह्वान पर पटवारियों ने सारा एप को भी लॉगआउट कर दिया है और संबंधित किसी कार्य में उनकी ड्यूटी नहीं लगाने के लिए सीएम के नाम तहसीलदार संजय जैन को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पटवारी शासन व किसान हित के लिए विभिन्न प्रकार से तकनीकी उपकरणों पर विभागीय कार्य कर रहे हैं, जिमसें शासन के 56 विभागों का कार्य किया जा रहा है, ताकि किसानों में सरकार की अच्छी छवि निर्मित हो। लगातार काम करने के बाद भी पटवारियों की समस्याओं का निराकरण आज तक नहीं किया गया है। पटवारियों ने सारा एप पर काम बंद कर दिया है, जिससे शासन स्तर के किसान सम्मान योजना सहित अन्य कार्य नहीं किए जाएंगे। भू-स्वामित योजना के तहत भी ऑनलाइन फीडिंग की जानी है वह कार्य भी प्रभावित होगा। पटवारी अब केवल मैन्युअली काम कर रहे हैं। पटवारी संघ की मांग है कि प्रदेश में पटवारी की भर्ती की गई थी, जबकि पटवारी का पद जिलास्तर का है, जिससे कर्मचारी 800 किलोमीटर दूर तक पदस्थ हैं। इसलिए उन्हें गृह जिले में पदस्थ किया जाए। वहीं पति-पत्नी को एक जगह पदस्थ किया जाए। इसके अलावा पटवारियों की सबसे बड़ी मांग वेतन विसंगति को दूर कर 2800 पेग्रेड करने की है, क्योंकि पटवारी ऑनलाइन कार्य निरंतर कर रहे हंै, इसलिए उन्हें 2100 की बजाए 2800 पेग्रेड दिया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में विनोद अहिरवार, सीपी खरे, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, गोविंद राय, राजेश शर्मा, सुदीप चौबे, चंचल चौरसिया, पिंकी जैन, पूजा शर्मा, रेखा तिवारी, गायत्री भोजक, अवध पांडे, विक्रम भूरिया सहित अन्य पटवारी शामिल हैं।
नए पटवारियो की सीपीसीटी अनिवार्यता खत्म करने की मांग
वर्ष 2017 में पटवारी चयन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें चयनित पटवारियों में से 75 प्रतिशत पटवारी सीपीसीटी पास हैं और अन्य कोरोना के कारण शासन स्तर से परीक्षा बंद होने के कारण वह सीपीटीसी नहीं कर सके हैं। साथ ही सभी काम ऑनलाइन पूर्ण भी कर रहे हैं, इसलिए सीपीसीटी की अनिवार्यता खत्म की जाए।