डायर ने किया था डायन वाला काम
बीना. बीना अथक पथ संग्रहालय में सार्थक गौरव मंच और परमार्थ सेवा संगठन के तत्वावधान में जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 वर्ष पूरे होने पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर राम शर्मा ने जलियांवाला बाग की घटना से अवगत कराया। अवतार सिंह अरोरा ने वैशाखी पर्व पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं सीताराम चौरसिया ने रचना सुनाई। असलम बेग ने कार्यक्रम में कहा कि शहीदों को याद करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। सत्यप्रकाश नायक ने अंग्रेजों के दमन चक्रके बारे में बताया। कार्यक्रम अध्यक्ष मुरारी गोस्वामी ने उधम सिंह द्वारा जनरल डायर की हत्या के घटनाक्रम के बारे में बताया। मुख्य वक्ता दशरथ लाल पुरोहित ने कहा कि जनरल डायर ने डायन बनकर नरसंहार कराया और गोलियां चलाकर जो पाप किया वैसे ही साम्राज्य उसी दिन से नष्ट होना शुरू हो गया। इस अवसर पर 100 दीपक जलाकर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में संचालन उमेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर ज्योति सराफ, सुनीता राय, डॉ. रत्नाकर चौबे, ओपी शर्मा, तिलक सिंह यादव, रोहित तिवारी, योगेश चतुर्वेदी, धर्मेंद्र नामदेव, कृष्णा, लक्ष्मी सराफ, अरविंद कुर्मी, सुरेश जैन, संत राय, एचडी गोस्वामी, राजेश शाह, धर्मेंद्र नामदेव, अनिल विश्वकर्मा, संकल्प सराफ, हरी शर्मा, शिवम तिवारी, पारस शर्मा, दादाभाई चौबे, प्रवीण शर्मा, अंकित चौबे, विनय, मोहन, राकेश पुरोहित सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।