
पेट्रोल में मिलाया जा रहा एथनॉल ने बढा़ई मुसीबत, पानी में बदल रहा पेट्रोल
सागर. पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता समाप्त करने और किसानों को गन्ने का उचित मूल्य देने के लिए शुरू किया गया एथनॉल का उपयोग वाहन चालकों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथनॉल मिलाने की अनिवार्यता के बाद शहर में रोजाना वाहन चालक पेट्रोल में पानी मिले होने की शिकायत लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं। तो वहीं वाहनों में स्टार्टिंग की समस्या बढ़ गई है। हालात यह हो चुके हैं कि शहर में वाहन सुधारकों के पास रोजना चार से पांच एेसे वाहन पहुंच रहे हैं जिनके पेट्रोल टैंक में पानी होने की शिकातय है। इतना ही नहीं कुछ वाहन चालकों ने जब पेट्रोल टैंक साफ कराया तो उसमें जंग लगा पानी भी निकला है।
- एथनॉल बन जाता है पानी
इस संबंध में जब पत्रिका ने पड़ताल की तो पता चला कि इस समस्या से अकेले वाहन चालक नहीं बल्कि पेट्रोलपंप संचालक भी परेशान है। दरअसल देश की शुगर फैक्ट्रियों से निकलने वाला एथनॉल है तो इधन ही लेकिन जैसे ही एथनॉल पानी के संपर्क में आता है तो वह भी पानी बन जाता है। जानकारों का कहना है कि एक लीटर पेट्रोल में 100 एमएल एथनॉल मिलाया जा रहा है, लेकिन इसमें यदि एक बंूद भी पानी की पहुंच गई तो पूरा का पूरा 100 एमएल एथनॉल पानी में बदल जाएगा।
- हमें भी नुकसान हो रहा है
पानी के स्पर्श मात्र से एथनॉल पानी में बदल जाता है। वाहन चालकों के अलावा हमें भी नुकसान हो रहा है। एक बूंद पानी यदि टैंक में चला जाता है तो पूरा का पूरा एथनॉल पानी में बदल जाता है।
आलोक अग्रवाल, पेट्रोलपंप संचालक
Published on:
28 Jan 2019 08:02 am
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