माहवारी दिवस पर खास
सागर. पिज्जा-बर्गर खाकर ओवरवेट हो रहीं बच्चियों की माहवारी जल्दी आ रही है। उनमें ब्रेस्ट कैंसर की भी आशंका है। यह दावा बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) की एक छात्रा द्वारा बच्चियों की माहवारी को लेकर की रिसर्च में किया गया है। अमूमन बच्चियों में पीरियड्स १३ साल तक शुरू होते हैं, लेकिन रिसर्च में दावा है कि अब ये ५ महीने पहले ही आ रहे हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार समय से पहले पीरियड आने से ब्रेस्ट कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमरियों का खतरा रहता है। २०१४ बैच की एमबीबीएस फायनल इयर की छात्रा अनुजा पाठक ने बताया कि यह रिसर्च तीन श्रेणी में की गई थी। इसके लिए शहर के तीन स्कूल चुने गए थे। जहां नॉर्मल, अंडर और ओवर वेट ३६० छात्राओं पर सर्वे किया गया था। १५ साल की छात्राओं ने उनके पहले पीरियड के बारे में जानकारी ली गई थी।
छात्राओं में ब्रेस्ट कैंसर की आशंका
यह रिसर्च शहर के तीन प्रतिष्ठित स्कूलों में की गई। जिसमें ६ फीसदी छात्राएं ओवरवेट मिली। औसतन इनके पीरियड १२ साल ७ महीने में आए थे। यानी पांच महीने पहले। वहीं अंडर वेट छात्राओं के पीरियड १३ साल एक महीने में आए। इनकी संख्या ५० फीसदी रही। नार्मल वेट की छात्राओं के पीरियड १२ साल ८ महीने में आए हैं। इनकी संख्या ४४ फीसदी रही।
आइसीएमआर ने दी थी रिसर्च की मंजूरी
छात्रा अनुजा पाठक के अनुसार उन्होंने रिसर्च के लिए पहले एक प्रोजेक्ट बनाया था। बीएमसी की एथिकल कमेटी ने प्रोजेक्ट को पास कर मंजूरी के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल (आइसीएमआर) को भेजा था। यहां से इसे मंजूरी मिल गई थी। अब इसे जल्द प्रकाशित किया जाएगा।
& प्रोजेक्ट गाइड डॉ. मनीष जैन ने बताया कि सक्षम परिवारों की बच्चियां में फास्ट फूड का चलन बढ़ गया है। इसी आधार पर रिसर्च की गई। जहां बच्चियों में हार्मोनल डिफिसिएंसी अनबैलेंस पाई गई।
०३ स्कूलों में की गई पूरी रिसर्च
३६० छात्राओं पर किया रिसर्च
२००० से २००५ के बीच जन्म लेने वाली छात्राओं पर हुई रिसर्च