सागर. गांव में राज फेरी के बाद बारात रवाना होने की तैयारी हो चुकी थी। बहन, बुआ- मौसी, मामी दूल्हे को कंकण बांध रही थीं और बाराती भी चहक रहे थे लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ की विवाह समारोह की चहल-पहल अफरा-तफरी में बदल गई। सारी तैयारियों के बाद भी न बारात रवाना हुई और न दूल्हा घोड़ी चढ़ पाया।
मामला गढ़ाकोटा के ग्राम गुंजौरा में 19 वर्षीय युवक के विवाह का है। युवक की उम्र विवाह के लिए निर्धारित 21 वर्ष से दो साल कम थी। इसकी खबर लगने पर पुलिस की विशेष किशोर इकाई, गढ़ाकोटा थाने के पुलिस बल और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम गुंजौरा पहुंची और विवाह को रोक दिया।जानकारी के अनुसार गढ़ाकोटा के गुंजौरा के युवक का विवाह दमोह की युवती से तय हुआ था। शुक्रवार को बारात रवाना होनी थी। इससे पहले गणेश और माता पूजन के बाद हल्दी चढ़ाकर दूल्हे की राज फेरी भी गांव में निकाली गई। सारी तैयारी और रस्मों के बाद लोग बारात में रवाना होने तैयार थे।
परिवार की महिलाएं दूल्हे की वर निकासी में जुटी थी कि तभी पुलिस और किशोर इकाई की टीम वहां पहुंच गई। लोग कुछ समझते उससे पहले ही टीम ने दूल्हे की उम्र के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी। जैसे ही टीम को दूल्हे की उम्र 19 साल होने का पता लगा उन्होंने दस्तावेज मांगे और उम्र 21 से दो वर्ष कम होने की पुष्टि होने पर विवाह टालने की चेतावनी दी। अचानक इस घटनाक्रम से लोग सन्न रह गए तो पुलिस ने उन्हें बताया कि विवाह के लिए युवक का 21 वर्ष का होना जरूरी है। इससे कम उम्र होने की स्थिति में विवाह नहीं कराया जा सकता। कुछ देर तक परिजन और पुलिस टीम में बातचीत होती रही और फिर अधिकारियों की सख्ती देख विवाह टाल दिया गया। इससे बारात में जाने तैयार होकर आए ग्रामीण- रिश्तेदार निराश रह गए वहीं दूल्हे के घर में भी सन्नाटा पसर गया। उधर दमोह में दुल्हन के घर बारात न पहुंचने की खबर के बाद परिवार दुख में डूब गए।