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video : एमपी में यहां मिला अंग्रेजों के जमाने का बम, फटा तो थर्रा उठा इलाका

गांव से ढाई किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में ले जाकर किया डिफ्यूज

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सागर

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Sanjay Sharma

Feb 10, 2018

Police Bomb Disposal Squad defuse bomb

Police Bomb Disposal Squad defuse bomb

सुरखी/सागर. आर्मीबेस ढाना के नजदीक गुरैया गांव में मिले सेना के 96 साल पुराने बम (यूएक्सओ सेल) को पहली बार जिला पुलिस के बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने अपने बूते डिस्पोज कर दिया।


पहला मौका होने से स्क्वॉड अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों के साथ मौके पर पहुंचा और बम को गांव से करीब ढाई किलोमीटर दूर सुनसान मैदान में गड्ढे में रखकर बारूद के धमाके से डिफ्यूज कर दिया। बम के फटते ही इलाका थर्रा उठा।


गांव से ढाई किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में ले जाकर किया डिफ्यूज

सुरखी के गुरैया में गुरुवार शाम को गांव से सटे मैदान पर खेल रहे बच्चों ने झाड़ी में बम पड़ा देखा था। फायरिंग रेंज में स्थित होने से इसकी सूचना पुलिस और सेना को दी गई थी। सेना ने देर शाम को सुरखी टीआई आरएस बागरी को अपनी ओर से क्लीयरेंस दे दिया था। आईजी सतीश कुमार सक्सेना व एसपी सत्येन्द्र कुमार शुक्ल के निर्देश पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे जिला पुलिस बल के बम डिस्पोजल स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया।


स्क्वॉड प्रभारी विनय तिवारी, मनोज विश्वकर्मा और रामसागर सेन ने टीम बनाकर सुनसान मैदान में सुरक्षित रखवाए गए सेलनुमा बम को गांव से करीब ढाई किमी दूर पहुंचाया। यहां सुरखी टीआई द्वारा पुलिस बल की मदद से सुरक्षित कराए गए इलाके के बीच बम का परीक्षण किया गया।


ब्लास्ट न होने से मिट्टी में दब गया था बम

जांच में गुैरया गांव के पास मैदान से मिला आर्मी का सेलनुमा बम ब्रिटिश हुकूमत के समय 1922 में बना था और सैन्य परीक्षण के दौरान ब्लास्ट न होने के बाद यह फायरिंग रेंज की मिट्टी में दबा रह गया। जिसे किसी ने खोदकर बाहर निकाला और बाद में झाडि़यों में छोड़ दिया। अकसर इस तरह के सुप्त रह गए सेलबम को फायरिंग रेंज से सटे गांव से लोग उठा कर मेटल निकालने ले जाते है। इसके चलते पूर्व में हादसे भी हो चुके हैं।