
मोहन नगर वार्ड निवासी मोंटी साहू उम्र करीब 30 वर्ष ने मंगलवार सुबह रेलवे स्टेशन के पास एक होटल के कमरे में अपने मफलर से पंखे पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे बीती रात पुलिस ने छेड़छाड़ की शिकायत पर थाने बुलाया था। वहां से छूटकर वह घर जाने के बजाय होटल में जाकर ठहर गया था।
बताया जा रहा है कि माेंटी ने यह कदम अपनी पत्नी और उसके परिजनों की प्रताडऩा से तंग आकर उठाया है। चार साल पहले उसकी शादी महाराजपुर निवासी प्रियंका साहू के साथ हुई थी। मोंटी की शादी 4 साल पहले हुई थी, लेकिन शादी के एक साल बाद ही पत्नी महाराजपुर चली गई थी। तीन साल से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। मोंटी हर महीने पत्नी को 6 हजार रुपए भेजता था। पत्नी की ओर से दहेज प्रताड़ना का मामला भी तीन साल से चल रहा था। परिजन के अनुसार पारिवारिक हालात और कानूनी परेशानियों ने मोंटी को तोड़ दिया। मोंटी डेयरी का काम करता था।
सोमवार को एक युवती ने माेंटी के खिलाफ परेशान करने कि शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। मोंटी साहू के छोटे भाई पवन साहू ने बताया कि सोमवार रात करीब 9 बजे मोतीनगर पुलिस ने भाई को छोड़ने के लिए एक लाख रुपए मांगे थे। 50 हजार रुपए देने के बाद मोंटी को रिहा किया गया। आरोप है कि हिरासत में पुलिस ने मोंटी के साथ मारपीट की और कपड़े तक उतरवा लिए थे।
मोतीनगर थाने में किसी अन्य युवती ने मोंटी के खिलाफ छेड़छाड़ का आवेदन दिया। सोमवार रात 9 बजे पुलिस ने आवेदन के आधार पर मोंटी को उसकी डेयरी से पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। रात 11 बजे परिजन ने थाने पहुंचकर रिहा कराया था। थाने से छूटने के बाद मोंटी ने कहा कि घर जाने पर पिता गुस्सा होंगे, इसलिए वह रेलवे स्टेशन के होटल में रुक गया। रात में परिजन से फोन पर बात हुई तो मोंटी ने अपनी लोकेशन बताई और कहा कि वह सुरक्षित है। सुबह साढ़े सात बजे तक वह व्हाट्सएप पर ऑनलाइन था, लेकिन उसके बाद फोन नहीं उठाया। चिंतित परिजन होटल पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया तो मोंटी पंखे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कैंट थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
युवती ने छेड़छाड़ का आवेदन दिया था। पूछताछ के लिए थाने बुलाया, जिसके बाद युवक ने दोबारा युवती को काॅल और मैसेज न करने की बात कहीं थी। दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, समझाइश देने के बाद छोड़ दिया था। परिजन के आरोप निराधार है, पुलिस ने किसी प्रकार के पैसे नहीं लिए न ही मारपीट की।
जसवंत सिंह राजपूत, थाना प्रभारी मोतीनगर
Published on:
07 Jan 2026 05:02 pm
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