
तिरपाल से ढकते रहे पर नहीं बच पाया गेहूं,तिरपाल से ढकते रहे पर नहीं बच पाया गेहूं,तिरपाल से ढकते रहे पर नहीं बच पाया गेहूं
जरुवाखेड़ा. खरीद केंद्र पर किसानों का गेहूं खरीद कर एकत्रित कर लिया गया है। यह गेहूं बोरियों मे भरकर परिवहन के लिए खुले खेत में रखा हुआ है। बुधवार की रात से बारिश होने से खरीद केंद्रों पर रखा गेहूं भींग गया है। इसके खराब होने की संभावना बनी हुई है। समिति प्रबंधक श्याम मनोहर पाठक ने बताया कि अभी हाल की स्थिति में जरुवाखेड़ा, जलंधर, ईश्वुवारा के तीनों केंद्रों को मिलाकर 22 हजार क्विंटल गेहूं रखा हुआ है। इसके परिवहन कराने की जानकारी अधिकारियों को दी जा चुकी है इसके बाद गुरुवार को सुबह केवल 4 ट्रक मौके पर भेजकर परिवहन शुरू कराया है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए लॉक डाउन में आवाजाही और वाहनों के पहिए भी जाम रहे, लेकिन किसानों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए खरीदी केंद्रों को प्रशासन के द्वारा शुरू किया गया जिस पर हजारों क्विंटल गेहूं परिवहन नहीं होने से केंद्रों पर ही खुले में रखा हुआ है। मौसम खराब होने पर कितना परिवहन हो सकेगा कहा नहीं जा सकता।
राहतगढ.़ क्षेत्र में बुधवार देर रात से हो रही बारिश से खरीदी केंद्रों में भी पानी भर गया जिससे बाहर पड़ा गेहूं ,चना भीग गया। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं चना की खरीदी के बाद उपज खुले में पड़ी है जो भीग गई है। अग्रवाल वेयर हाउस में एक सप्ताह से तुलाई के लिए खड़े किसान अपने वाहन लेकर घर जाते दिखे। उन्होंने कहा कि तुलाई नहीं हो पा रही है और अनाज भी खराब हो रहा है इसलिए घर जाना ही उचित है। नागरिक आपूर्ति निगम यदि समय पर परिवहन करता तो यह स्थिति नहीं आती। खरीद केंद्रों पर हजारों बोरी गेहूं खराब हो गई और शासन को भी करोड़ों रुपए का नुकसान होने से बच जाता। केंद्र संचालकों का कहना है कि बाहर रखी बोरियों पर तिरपाल पन्नी से ढाक दिया था लेकिन तेज बारिश होने से पानी भर गया। ग्राम कृषि उपज मंडी चौधरी वेयर हाउस, अग्रवाल वेयरहाउस, ऐरण मिर्जापुर, पीपरा, झिला, भैंसा सहित अन्य खरीदी केंद्रों पर हजारों गेहूं की बोरियां भीगी रखी हैं।
Published on:
5 Jun 2020, 5:24 PM IST
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