
गाजे-बाजे के साथ आई बारात,सात जन्मों के बंधन में बंधे स्वाति और कालीचरण
सागर. दो साल की उम्र से संजीवनी बाल आश्रम में पली-बढ़ी बिटिया स्वाति रविवार को विवाह बंधन में बंध गई। लक्ष्मीपुरा निवासी कपड़ा व्यापारी कालीचरण बारात लेकर आश्रम पहुंचे। स्वाति व कालीचरण ताम्रकार का धूमधाम से विवाह हुआ। विदाई के वक्त हर किसी की आंखें नम थीं। आश्रम के बच्चे स्वाती को गले लगाकर बोले...दीदी, अब कब आओगी। स्वाति की शादी में सभी वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आश्रम में विधि विधान के साथ हिंदू विधि विधान से पाणिग्रहण संस्कार, द्वारचार, भांवर हुई। कन्यादान भाजपा नेता शैलेष केशरवानी ने कन्यादान किया। उन्होंने वर-वधु को उपहार देते हुए पांव भी पखारे। शादी में कालीचरण का पूरा परिवार और रिश्तेदार भी शामिल हुए। संजीवनी आश्रम में यह १९वां विवाह था, इससे पहले १८ विवाह हो चुके हैं।
रोक नहीं पाए आंसू
विदाई के समय स्वाति रोते हुए आश्रम संचालिका प्रतिमा अरजरिया से लिपट गई। उसने कहा, छोटी मां आपकी बहुत याद आएगी। आश्रम में रहकर उसे कभी यह आभास नहीं हुआ कि वह अपने परिवार नहीं बल्कि आश्रम में है। स्वाति ने कहा कि छोटी मां मुझे विदा तो कर रही हो, लेकिन अब कब बुलाओगी। यह देखकर वहां उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। बच्चे भी रो पड़े। स्वाति ने बताया की बचपन में जैसे ही होश संभाला खुद को आश्रम में पाया। अब परिवार का हिस्सा बनने जा रही हूं। छोटी मां की मुझे माता-पिता के साथ ही जीवन साथी भी मिला।
सौभाग्य से मिलता है कन्यादान
कन्यादान भाजपा जिला महामंत्री शैलेष केशरवानी ने किया। उन्होंने कहा कि इंसानी जिंदगी में कन्यादान का सौभाग्य किस्मत वालों को ही प्राप्त होता है। कन्यादान सामान्य दान के समान नहीं है, इसका अर्थ बड़ा ही गहरा एवं महान है। कन्यादान का वास्तविक अर्थ है जिम्मेदारी को सुयोग्य हाथों में सोंपना। मैं सौभाग्यशाली हूं कि यह दान करने का अवसर मुझे आश्रम संचालकों ने दिया। इसके पहले भी यहां मुझे अंजु के कन्यादान का अवसर मिला था।
लड़कियों से मिला साहस
आश्रम की संचालक प्रतिमा अरजरिया ने कहा मैं एक लड़की के प्रति समाज के लोगों की मानसिकता के बारे में जानकर चकित हूं। मुझे आश्चर्य है कि यह लोग एक लड़की के पालन-पोषण के बजाए उसे मार देना ज्यादा आसान समझते हैं। मैं खुद को भाग्यवान समझती हूं कि भगवान ने मुझे इन अनाथ लड़कियों को पालने पोसने और उनकी पढ़ाई लिखाई कराने का साहस दिया है। कार्यक्रम में आश्रम के सभी लोग, अनाथ आश्रम में रहने वाली पूर्व की जिनकी शादी पहले हो चुकी थी अपने परिवार सहित शामिल हुए।
Published on:
25 Nov 2019 09:01 am
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