
बड़ा बाजार स्थित कृष्ण मंदिरों में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
सागर . शहर के मंदिरों कृष्ण पक्ष की सफला एकादशी सोमवार 15 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन शोभन योग व चित्रा नक्षत्र बन रहा है। एकादशी पर मंदिरों में भजन संध्या और दीपदान का आयोजन होगा। वैष्णव संप्रदाय के साधक कोई निर्जला तो कोई एकासन व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करेंगे। महिलाएं मंदिरों में पहुंचकर दीपदान और विशेष पूजा करेंगी। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान का अभिषेक पूजन कर वस्त्र बदले जाएंगे। भगवान का नई ऊनी पोशाक से श्रंृगार किया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से रामबाग मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, देव बांके राघवजी मंदिर, रामबाग मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, मकरोनिया राम दरबार, पशुपतिनाथ मंदिर, काकागंज स्थित राम दरबार, धनुषधारी मंदिर, धनेश्वर मंदिर सहित अन्य कृष्ण मंदिरों में एकादशी का विशेष श्रृंगार पूजन कर कथा सुनाई जाएगी।डमरू दल करेगा आरतीबड़ा बाजार स्थित श्रीदेव धनेश्वर मंदिर में डमरू दल द्वारा आरती की जाएगी। पुजारी पंकज पंडा ने बताया कि सुबह 5 नदियों के जल से भगवान का जलाभिषेक किया गया। एकादशी का विशेष श्रृंगार कर दोपहर 12 बजे राजभोग आरती में विभिन्न प्रकार के फलाहारी मिष्ठान का भोग लगेगा। वहीं रामबाग मंदिर में भगवान राम-जानकी का अभिषेक पूजन कर वस्त्र बदले जाएंगे। सुबह 9 बजे भगवान का अभिषेक पूजन कर एकादशी व्रत की कथा सुनाई जाएगी। महिलाओं द्वारा सामूहिक दीपदान किया जाएगा। दोपहर 12 बजे राजभोग आरती में साबूदाना व मूंगफली की खिचड़ी का भोग लगेगा। शाम को एकादशी का विशेष श्रृंगार कर भजन कीर्तन के साथ रात्रि जागरण होगा।लक्ष्मीनारायण मंदिर में होगा श्रृंगार
कोतवाली रोड स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में एकादशी पर भगवान का पंचामृत अभिषेक कर नई पोशाक से श्रृंगार किया जाएगा। पुजारी राजेश मिश्रा ने बताया कि दोपहर 12 बजे राजभोग आरती में साबूदाना की खिचड़ी व फलों का भोग लगेगा। शाम को संध्या आरती के बाद महिला मंडल द्वारा रामायण का पाठ होगा। शयन आरती के बाद प्रसादी बांटी जाएगी।
चित्रा व शोभन योग का संयोग
पं. मनोज तिवारी ने बताया कि एकादशी तिथि 14 दिसंबर शाम 6 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर 15 दिसंबर रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत 15 दिसंबर को रखा जाएगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 17 मिनट से 6 बजकर 12 मिनट और अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस दिन चित्रा नक्षत्र और शोभन योग का शुभ संयोग रहेगा, जिसे व्रत-पूजन अक्षय पुण्यकारी माना गया है।
दान करना अत्यंत शुभ
पं. रघु शास्त्री ने बताया कि एकादशी के दिन गरीबों और जरूरतमंद लोगों को भोजन करना और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे जीवन में समृद्धि आती है और भगवान विष्णु की कृपा से घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है। इस दिन सूर्योदय और सूर्यास्त के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाने से दरिद्रता दूर होती है। ऐसा माना जाता है कि साल की इस एकादशी का व्रत करने से जीवन में हर काम सफल होते हैं और उनके जीवन में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आती है। सफला एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा और व्रत करने से जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।
Updated on:
11 Dec 2025 06:40 pm
Published on:
11 Dec 2025 06:40 pm
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