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सिंधी समाज का चालिहा महोत्सव शुरु हो गया है। सिंधी समाज के लोग मंदिरों में झूलेलाल की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। झूलेलाल मंदिर के बाजू वाले हाल में श्रद्धालु भगवान विष्णु के अवतार झूलेलाल भगवान के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह चालिहा हाल अपने आप में बेहद सुंदर है, और साथ-साथ एक छोटा कुंड बनाया गया है। यहां इस पर्व के दौरान भक्त जन भगवान झूलेलाल के नाम पर फूलों की थाली सजाकर आटे के दिए अर्पित करते हैं। "आयो लाल सभई चओ झूलेलाल" यह कहकर सिंधी समाज के लोग भगवान झूलेलाल की आराधना करते हैं।
संस्थापक लालाराम मेठवानी ने बताया कि श्रावण मास सावन का महीना भी कहा जाता है। भगवान शिव को समर्पित एक पवित्र महीना है। यह माह 11 जुलाई से 9 अगस्त तक रहेगा। इस दौरान, भक्त भगवान शिव की पूजा करते हैं और सोमवार का व्रत रखते हैं, जिसे श्रावण सोमवार या सावन सोमवार व्रत कहा जाता है। विजय लालवानी के विशेष लोक संगीत-भजन और भक्ति गीतों के कार्यक्रम होगा। यह चालिहा पर्व सिंधी समाज 40 दिनों तक मनाते है। महिला मंडल में अध्यक्ष दिया राजपूत, भारती मोहनानी, ममता तलरेजा, काजल रोहरा, वर्षा हासानी, रैना गोकलानी. कनक लोटवानी, मोनिका मेठवानी, वीनू आहूजा, सोनू जैसवानी, अध्यक्ष सुरेश मोहनानी आदि का रहता है।
राजेश मनमानी ने बताया कि इस दौरान उपवासी सात्विक जीवन व्यतीत करते हैं। भूमि पर शयन एवं नाखून बाल नहीं कटवाए जाते हैं। बिना तेल का भोजन ग्रहण किया जाता है। समाज निरंतर जल देवता वरुणावतार इष्टदेव भगवान झूलेलाल जी की पूजा आराधना में लीन रहेगा।
Published on:
13 Jul 2025 05:03 pm
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