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भगवंती नावाणी की स्मृति में पारंपरिक सिंधी गीतों की प्रस्तुति, झूलेलाल उद्यान में बीती रात हुआ आयोजन

कार्यक्रम में युवा गायिका मंजूश्री तेजवानी नागपुर व निशि धामेचा नरसिंहपुर ने भगवंती नावाणी के गाए हुए गीतों की प्रस्तुति दी।

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सागर

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Rizwan ansari

Feb 11, 2025

sagar

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संत कंवरराम वार्ड स्थित झूलेलाल उद्यान में रविवार की शाम भगवंती नावाणी की स्मृति में पारम्परिक सिन्धी गीतों की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में युवा गायिका मंजूश्री तेजवानी नागपुर व निशि धामेचा नरसिंहपुर ने भगवंती नावाणी के गाए हुए गीतों की प्रस्तुति दी।
इस अवसर पर अकादमी के निदेशक राजेश कुमार वाधवानी ने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि समाज अपने ही महापुरुषों व उन व्यक्तित्वों को भूल रहा है। जिन महापुरुषों ने सिन्धी संस्कृति को बचाए रखने के लिए अपना अमूल्य योगदान दिया, ऐसे व्यक्तित्वों को सदैव स्मरण करते रहना चाहिए और इसके लिए आवश्यक है कि हम अपने परिवारों में नई पीढ़ी के साथ बैठकर उनकी चर्चा करें। युवा साहित्यकार समीक्षा लच्छवानी ने कहा कि भगवंती नावाणी की मधुर आवाज के चलते उन्हें सिन्धी स्वर कोकिला के नाम से जाना जाता है। इस अवसर पर भीष्म राजपूत, माधोमल हसरेजा, गुरुडिनो नागवानी, राजेश मनवानी, अशोक सुंदरानी, पार्षद रोमा हसानी, सुरेश हसरेजा, अशोक जसवानी, हरीश नागवानी, परमानन्द पंजवानी, कमलेश सुंदरानी, निर्मल भोले उपस्थित थे।