
Smugglers carrying ganja in the sea from the train
सागर. मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चल रहे अभियान के तहत शुक्रवार को कैंट पुलिस को दोहरी सफलता मिली। पुलिस को क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों द्वारा गांजे की तस्करी की सूचना मिली थी। आरोपी के स्टेशन के रास्ते गांजा लेकर थाना क्षेत्र में घुसकर तस्करी करने की खबर लगने पर जब पुलिस ने घेराबंदी की और एक ही कस्बे की दो महिलाओं को 5 किलो गांजे के साथ दबोच लिया। दोनों से पूछताछ की तो उनके एक ही कस्बे का निवासी होने का पता चला जिसके बाद पुलिस ने उनके विरुद्ध गांजा तस्करी का अपराध पंजीबद्ध कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है।
कैंट थाना टीआइ नीलेश दोहरे ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ क्षेत्र में सख्ती बरती जा रही है रही है। पूरे क्षेत्र में मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया है। इसी के चलते शुक्रवार दोपहर थाने को स्टेशन की ओर से गांजा तस्करी की सूचना दी गई। सूचना पर अज्ञात महिला और एक पुरुष के हुलिए के आधार पर पुलिस ने स्टेशन से झांसी बस स्टैंड और परेड मंदिर रोड की घेराबंदी कर दी। टीआई दोहरे के निर्देशन में एसआई धर्मेन्द्र सिंह यादव, मआरक्षक लखन, अनुराग, अभिषेक, मआर, करुणा सैनिक देविका पुलिसकर्मी भी सिविल ड्रेस में तैनात किए गए और कुछ ही देर में एक महिला संदिग्ध हालत में थैला लेकर झांसी बस स्टैंड की ओर जाती दिखी। पुलिस ने उसका पीछा किया और झांसी बस स्टैंड के पास उसे रोककर थैला चेक किया तो उसमें गांजा रखा मिला।
पुलिस द्वारा महिला को थाने लाकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम रजनी पत्नी तुलसी अहिरवार निवासी शाहगढ़ बताया। उसके पास से मिले 2 किलो 400 ग्राम गांजा जिसका अनुमानित बाजार भाव करीब 37 हजार रुपए आंका गया है। वहीं पुलिस ने न्यू कैंट स्कूल के पास जा रही महिला को रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम शाहगढ़ निवासी हसीना बानो पत्नी सलीम खान बताया। कस्बे का नाम शाहगढ़ सुनते ही पुलिस की शंका हकीकत में बदल गई, जब पुलिस ने उसका थैला खुलवाया तो उसमें रखा 39 हजार रुपए का 2 किलो 600 ग्राम गांजा सामने आ गया। पुलिस ने उसे थाने लाकर केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने शुक्रवार शाम को दोनों महिलाओं को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
गांजा तस्करी का गढ़ बन गया शाहगढ़
लग्जरी वाहनों से गांजा तस्करी के मामलों पर पुलिस की नजर होने व गांजे से लदी कार पकड़े जाने के बाद अब तस्करों को रास्ता और तरीका दोनों बदल दिया है। उड़ीसा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से कुछ महीने पहले तक लग्जरी कारों से गांजा लाया जाता था पर अब पुलिस की निगाह से बचाने नए इंतजाम कर लिए गए हैं। अब उड़ीसा की ओर से चलने वाली ट्रेनों में किसी तरह छिपाकर गांजा लाया जा रहा है। इस गांजे को सागर या आसपास की स्टेशन पर उतारकर फुटकर बेचने वाले एजेंटों को सौंप दिया जाता है। शुक्रवार सहित पिछले दो महीनों में बड़े स्तर पर गांजा तस्करी को दो मामले पुलिस के सामने आए हैं। इनमें लिप्त तीनों महिलाएं शाहगढ़ कस्बे की निवासी और आपस में एक-दूसरे से परिचित मिली हैं। जिले में शाहगढ़ के रास्ते गांजा तस्करी का कारोबार संचालित होने की आशंका को लेकर जांच सख्त कर दी गई है। आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ी रजनी बाई रजक व हसीना बानो शाहगढ़ के वार्ड नंबर १
Published on:
16 Mar 2019 12:00 am
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