
Special on National Consumer Day today
सागर. उपभोक्ताओं के साथ कदम-कदम पर छलावा किया जाता है। लेकिन लोग मामूली से नुकसान की सोचकर शिकायत नहीं करते है। ऐसे में छलावा और बढ़ जाता है। कभी पेट्रोल पंप पर कम पेट्रोल मिलता है तो कभी सब्जी बेचने वाला कम तौल जाता है। दूध, घी के प्रोडक्ट में कमी अथवा मिलावट आम हो गई है। सोने चांदी के आभूषणों में भी कैरेट्स के नाम पर छल किया जाता है। ऐसे मामलों की शिकायतें उपभोक्ता करने से कतराते हैं। लेकिन, छोटे-छोटे मामलों की भी शिकायत करना उनका अधिकार है। आज उपभोक्ता दिवस के मौके पर हम आपको बता रहे हैं कैसे अपने अधिकारों का प्रयोग करें।
यहां करें शिकायत
यदि उपभोक्ता के साथ ठगी होती है तो सादे कागज पर अपनी शिकायत को दर्ज करा सकते हैं। इस शिकायत में प्रतिपक्ष के ब्यौरे शामिल होने चाहिए। शिकायत के लिए बहुत मामूली फीस जमा करानी होती है। राहत शिकायत करने वाला मांग रहा है ऐसे में शिकायत में आरोपों के समर्थन में दस्तावेज लगाएं। शिकायत संबंधी तथ्य कब और कैसे हुए ये भी शामिल करें। शिकायत करने वाला या उसके प्राधिकृत एजेंट के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
ये हैं उपभोक्ताओं के अधिकार
वकील एफएक्स जेम्स ने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में उपभोक्ताओं के कई अधिकार है। लेकिन, उनकी जानकारी का अभाव होने से ग्राहकों को परेशानी होती है। जो वस्तु खरीदी गई वह ग्राहक और उसके परिवार को कोई नुकसान पहुंचाए तो इस मामले में सुरक्षा का अधिकार है। किसी भी चीज या सर्विस की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता और कीमत सहित की जानकारी सूचित किए जाने का अधिकार है। धोखे से दी गई वस्तु या सर्विस के बदले में उचित मुआवजा मिलने का अधिकार मुआवजे का अधिकार में आता है। वस्तु के बारे में पूरा ज्ञान और कौशल प्राप्त करने का अधिकार उपभोक्ता को है। वहीं उपलब्धता में से व्यक्ति को मन माफिक वस्तु के चयन का अधिकार भी उपभोक्ताओं को है।
ऐसे हुई उपभोक्ता दिवस की शुरूआत
भारत में 24 दिसंबर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने के लिए 24 दिसंबर, 1986 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986 लागू किया गया। भारत में इसकी शुरुआत 2000 से हुई। ये दिन इसलिए मनाया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके और इसके साथ ही अगर वो धोकाधड़ी, कालाबाजारी, घटतौली आदि का शिकार होते हैं तो वो इसकी शिकायत कर सकें।
सुनवाई जिला उपभोक्ता फोरम में
२० लाख रूपए के मामले की जिला फोरम में होती है। सुनवाई कई बार उपभोक्ता परेशान होते हैं लेकिन उन्हें जानकारी नहीं होती है कि वह कहां और किन मामलों में शिकायत करें। ऐसे में उपभोक्ता अगर राशि 20 लाख रूपये से कम है तो जिला फोरम में शिकायत कर सकता है। यदि यह राशि 20 लाख रूपये से अधिक लेकिन एक करोड़ रूपये से कम है तो राज्य आयोग के समक्ष तहत कर सकता है और यदि एक करोड़ रुपए अधिक है तो राष्ट्रीय आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकता है।
Published on:
24 Dec 2018 03:36 pm
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