14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोटे से दाखिले के इंतजार में छात्र,विवि ने अभी कमेटी ही नहीं बनाई,स्पेशल काउंसिलिंग में मिल सकता है मौका

विवि ने अभी कमेटी ही नहीं बनाई स्पेशल काउंसिलिंग में मिल सकता है मौका

less than 1 minute read
Google source verification

सागर

image

Sunil Lakhera

Jul 13, 2018

Students waiting for admission from quota

Students waiting for admission from quota

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर विवि में यूजी-पीजी के दूसरे चरण की काउंसिलिंग पूरी हो चुकी है। जल्द ही विवि स्पेशल काउंसलिंग के जरिए खाली सीटें भरने की कवायद शुरू करेगा। लेकिन यहां पर स्पोट्र्स कोटे के तहत दाखिले की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। अभी कमेटी का भी गठन नहीं हुआ है। यही कमेटी यह तय करती है कि किस खिलाड़ी को तय सीटों पर दाखिला देना है। कुलपति की सहमति के बाद ही विद्यार्थी को दाखिला दिया जाता है। कोटे के तहत अधिकांश विभागों में विद्यार्थियों ने आवेदन किए हैं। एंट्रेंस एग्जाम भी पास कर लिया है। अब यह छात्र इस कोटे के तहत दाखिले की उम्मीद लगाए हैं।
यूजी में दो और पीजी में एक सीट
स्पोट्र्स कोटे के तहत सभी कोर्स में सीमित सीटें निर्धारित हैं। यूजी के दो कोर्स को छोड़कर सभी में दो-दो सीटें अलग से होती हैं। वहीं, पीजी के कोर्स में इस कोटे के लिए एक-एक सीट तय की गई है। एंट्रेंस एग्जाम के दौरान ऑन लाइन आवेदन में इसका भी एक कॉलम होता है, जहां खिलाड़ी छात्र इस कोटे के तहत दाखिले की मांग करता है। हालांकि अब तक हुई काउसिलिंग में इन्हें शामिल नहीं किया जाता है। इन्हें स्पेशल काउंसिलिंग में बुलाकर दाखिले दिए जाते हैं।
प्रमाण-पत्रों के आधार पर होगा चयन
स्पोट्र्स कोटे में उन विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, जिनके पास नेशनल व इंटरनेशनल स्तर के प्रमाण पत्र हैं। कमेटी के पास अधिकार है कि किसे कितने नंबर देना है। वहीं, कमेटी को लगता है कि खिलाड़ी पात्र नहीं है तो वह उसे दाखिला न देकर सीटे समाप्त कर सकता है।
&स्पेशल काउंसिलिंग में इन्हें मौका दिया जाएगा। यह काम स्पोर्ट्स कमेटी का है। इसी आधार पर खिलाड़ी छात्रों का चयन होगा और कुलपति की सहमति के बाद ही दाखिला दिया जाएगा ।
-प्रो. एएन शर्मा, नोडल अधिकारी