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अभी तक सिर्फ 335 टन डीएपी हुआ वितरित, जरूरत 2400 टन की, मजबूरी में ले रहे दूसरा खाद

कब आएगा खाद नहीं बता पा रहे अधिकारी, हर दिन गोदाम के चक्कर काट रहे किसान

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Till now only 335 tonnes of DAP has been distributed, need is 2400 tonnes, people are forced to buy other fertilizers

गोदाम में रखा 20-20-0-13 खाद

बीना. डीएपी खाद की किल्लत से किसान जूझ रहे हैं और लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके बाद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा और यह भी नहीं बताया जा रहा कि खाद आएगा कब। डीएपी खाद न आने के कारण गोदाम में उपलब्ध दूसरा खाद किसान खरीद रहे हैं, जिसमें पोटाश की कमी बताई जा रही है।
करीब 2400 टन डीएपी खाद की मांग भेजी गई है, लेकिन अभी तक सिर्फ 335 टन खाद ही वितरित होने आया है, जिससे किसान परेशान हैं। खाद न आने से किसान समय पर बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। यदि जमीन की नमी चली गई, तो जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं हैं वह बोवनी नहीं कर पाएंगे। हर दिन किसान खाद लेने के लिए गोदाम पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां जवाब मिलता है कि डीएपी नहीं आया है। जिन किसानों के खेत खराब हो रहे हैं वह 20-20-0-13 खाद गोदाम से ले रहे हैं। इस खाद में पोटाश की कमी है, जिसे अलग से मिलाना पड़ रहा है। बाजार में भी डीएपी खाद नहीं मिल रहा है और कुछ लोग खाद की किल्लत का फायदा उठाकर नकली खाद बेच रहे हैं। अधिकारी भी सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि खाद कब जाएगा।

एक बोरी में मिलती है 25 किलो पोटाश
किसान सीताराम ठाकुर ने बताया कि 20-20-0-13 खाद में पोटाश की कमी होने पर एक बोरी में 25 किलो पोटाश मिलानी पड़ेगी, जिससे एक बोरी खाद की कीमत दो हजार रुपए हो जाती। यदि डीएपी खाद मिले तो ज्यादा रुपए खर्च नहीं करने पड़ेंगे।

मंगलवार तक आ सकता है खाद
गोदाम प्रभारी मनोज साहू ने बताया कि अभी तक गोदाम में 335 टन डीएपी खाद आया था, जो वितरित हो चुका है। अब मंगलवार को डीएपी आने की उम्मीद है। गोदाम में 20-20-0-13 खाद उपलब्ध है, जो किसान खरीद रहे हैं। यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।