
प्रतीकात्मक तस्वीर
जनजातीय बाहुल्य ग्रामों में बनेंगे सेवा केन्द्र, जिले के 73 गांव चिन्हित
सागर. जनजातीय बाहुल्य ग्रामों के कायाकल्प के लिए आदि कर्मयोगी अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले में मैदानी स्तर पर प्रत्येक गांव में 10 से 15 लोगों का ऐसा समूह तैयार किया जाएगा, जो जनजातीय समुदाय को विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाएगा। साथ ही ग्राम के समग्र विकास का एक्शन प्लान तैयार करेगा। अभियान के तहत जिले के केसली ब्लॉक के 31, देवरी के 13, रहली के 9, शाहगढ़ के 6, बंडा के 5, राहतगढ़ के 3, सागर व जैसीनगर के 2-2 और बीना व खुरई के एक-एक कुल 73 ग्राम शामिल किए गए हैं। प्रत्येक गांव में शासन से जुडी योजनाओं की सेवाओं को ओर अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से आदि सेवा केन्द्र बनाए जाएंगे। अभियान के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर आदि कर्मयोगी, विकासखण्ड स्तर पर आदि सहयोगी व ग्राम स्तर पर आदि साथी के नाम से जिला, विकासखण्ड स्तर के अधिकारी जुड़ेंगे।
सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब 8 से 10 सितंबर तक ब्लॉक मास्टर्स ट्रेनर्स का और इसके बाद ब्लॉक स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण 12 से 15 सितंबर के मध्य आयोजित किया जाएगा। ग्राम स्तर पर वर्कशॉप 17 से 25 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। इसमें ग्राम स्तर के वॉलंटियर्स को ग्राम एक्शन प्लान बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जिला स्तरीय प्रशिक्षण में प्रत्येक ब्लॉक से 7-7 विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। जिला स्तर पर आदि कर्मयोगी सेल का गठन भी किया गया है।
ग्राम लेबल पर आदि साथी के रूप में चिन्हित किए जाने वाले वॉलंटियर्स में सेवारत व सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, जनजातीय युवा नेता, शिक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक शामिल होंगे, जो जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए कार्य करेंगे। सोमवार को इस सिलसिले में कलेक्टर संदीप जीआर की मौजूदगी में डिस्ट्रिक्ट लेवल ओरिएंटेशन भी आयोजित किया गया।
Published on:
02 Sept 2025 08:30 pm
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