
राजघाट बांध से शहरवासियों की प्यास बुझाना भी हुआ मुश्किल, टैंकर का लेना पड़ रहा सहारा
सागर. शहर सहित कैंट, मकरोनिया व विश्वविद्यालय को मिलाकर करीब ६ लाख लोगों को जलापूर्ति करने वाले राजघाट बांध में पानी की कमी से अब हर जगह जलसंकट की स्थिति बन गई है। नगर निगम ने पानी लिफ्टिंग के लिए करीब 6 मड पंप तो लगा दिए, लेकिन इसके बाद भी शहर में दो से तीन दिन में तो मकरोनिया में पांच से छह दिन में सप्लाई की जा रही है। यही कारण है कि अब नगर निगम ने भी शहर में पानी की समस्या को देखते हुए टैंकर से पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। हालांकि फिलहाल उन्हीं वार्डों में टैंकर पहुंच रहे हैं जहां पर पानी की ज्यादा किल्लत है।
शहर में भी टैंकर से सप्लाई शुरू
राजघाट से जलापूर्ति न होने के कारण अब शहर में भी नगर पालिका टैंकर्स का सहारा लेने लगी है। जिन वार्डों में जलसंकट की ज्यादा स्थिति है वहां पर नगर निगम के टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। गुरुवार शाम को नगर निगम के टैंकर तहसीली स्थित ज्योति भवन के समीप व मधुकरशाह वार्ड में पानी सप्लाई करते नजर आए। इसके अलावा शहर के अन्य वार्डों में भी राजघाट से नियमित सप्लाई न होने के कारण टैंकर से पानी सप्लाई किया जा रहा है।
पानी खरीदना मजबूरी
नगर पालिका में बढ़ रहे जलसंकट की पूर्ति करना अब मुश्किल हो रहा है। नगर पालिका भले ही क्षेत्र में एक सैकड़ा से ज्यादा टैंकर पानी की सप्लाई कर रही हो, लेकिन बोरिंग में पानी की कमी और राजघाट सप्लाई का समय निश्चित न होने के कारण लोगों को पानी खरीदना मजबूरी बन गया है। पहले तो यह स्थिति नपा के बड़तूमा, कोरेगांव, गंभीरिया, गौरनगर आदि क्षेत्र में थी, लेकिन अब अधिकांश वार्डों में यह स्थिति बन गई है, यही कारण है कि लोग तीन-चार सौ रुपए में टैंकर से पानी बुला रहे हैं।
हर तरफ से हो रहे प्रयास
नगर पालिका मकरोनिया क्षेत्र में बढ़ रही पानी की किल्लत को लेकर हर तरफ से प्रयास किए जा रहे हैं। हालही में नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने महापौर व नगर निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर राजघाट से जलापूर्ति बढ़ाने क मांग की थी, तो वहीं दूसरी तरफ नपा प्रशासन भी नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर पानी जुटाने की जुगत में लगा हुआ है। नपा के अधिकारियों का कहना है कि यदि तीन दिन में भी एक बार तय समय पर सप्लाई करें तो भी कुछ हद तक समस्या से निपटा जा सकता है।
वॉल्वमेन के लिए आधी रात खोलनी पड़ रही सप्लाई
राजघाट बांद में पानी की कमी के बाद अनिश्चित हुई पानी सप्लाई के कारण अब शहर सहित मकरोनिया के वॉल्वमेन की मुसीबतें बढ़ गई हैं। हालात यह है कि शहर के डायरेक्ट सप्लाई वाले 18 वार्डों को छोड़कर अन्य क्षेत्र में आधी रात को भी फोन आने पर तत्काल उन्हें काम पर जाना होता है। चूंकि पानी की समस्या के कारण एक साथ शहर के ओवरहेड टैंक नहीं भरे जा सकते, इसलिए कई बार रात में १२ बजे के बाद भी जलापूर्ति की जा रही है, जिसके कारण वॉल्वमेन को आधी रात में भी सप्लाई चालू होने से लेकर बंद करने तक जागना मजबूरी हो गई है।
Published on:
07 Jun 2019 08:01 am
बड़ी खबरें
View Allसागर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
