
हाट बाजार में किराए पर दी गई दुकान
बीना/खुरई. नगरपालिका अधिकारियों की मिलीभगत से सरकार को चूना लगाने का काम किया जा रहा है, जहां पर अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ लोगों को बिना टेंडर के सात दुकानें किराए से दी गईं, मामला उजागर होते ही अधिकारियों ने टेंडर निकालकर दुकानों का आनन-फानन आवंटन कर दिया, लेकिन एक साल तक दुकानों से मिलने वाला किराया किसकी जेब में गया, इसकी जांच अभी तक नहीं की जा सकी है। जबकि इसकी शिकायत कलेक्टर से भी की गई थी।
जानकारी के अनुसार विधायक भूपेन्द्र सिंह ने हाट बाजार में 47 दुकानों का निर्माण कराया गया था, जिनमें से सात दुकानों का आवंंटन बाकी रह गया था, बाकी की दुकानें टेंडर प्रकिया के बाद आवंटित की गई। लेकिन इस पूरे मामले में नपा के राजस्व अधिकारियों ने निजी हित के लिए राजस्व का नुकसान करते हुए बिना किसी टेंडर व एग्रीमेंट के कुछ लोगों के लिए दो-दो हजार रुपए में दुकानें किराए से दे दी थीं, जो करीब एक साल तक खुली रहीं। इस तरह से करीब एक से डेढ़ लाख रुपए दुकानों का किराया लिया गया। लेकिन यह किराया नपा में जमा नहीं किया गया और अधिकारियों की मिलीभगत से बंदरबांट कर लिया। इसकी जांच अभी तक नहीं की गई है।
टेंडर प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की आशंका
सूत्रों की मानें तो टेंडर प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है, जिसमें बताया गया है कि अधिकारियों ने एक लोकल अखबार में विज्ञप्ति निकाली गई व केवल उन्हीं लोगों के लिए इसकी जानकारी थी जिनके लिए यह दुकानें आवंटित करने की योजना थी। इस पूरे मामले को दबाने के लिए ही आनन-फानन में दुकानों को आवंटित किया गया है।
इन्हें की गईं दुकानें आवंटित
आवंटन प्रक्रिया में 9 नंबर की दुकान हर्षित राय, 10 नंबर दुकान संचित अग्रवाल, 11 नंबर दुकान उमा देवी अहिरवार, 12 नंबर राहुल पिता नेमीचंद, 13 नंबर दुकान रामस्वरूप रैकवार, 14 नंबर दुकान सरोज पिता कृपाराम, 16 नंबर दुकान पुष्पलता पति राहुल, 47 नंबर की दुकान पहले अनुबंध निरस्त करके उसके लिए नया टेंडर जारी किया गया है।
की जाएगी कार्रवाई
इस पूरे मामले की जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी, जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
संदीप जीआर, कलेक्टर, सागर
Published on:
01 Mar 2025 12:06 pm
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